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जौनपुर में भीड़ की तालिबानी सजा देखिये लाइव पिटाई का वीडियो 24UPNEWS.COM पर

नाइट कर्फ्यू के दौरान चुनाव प्रचार पर पूरी तरह से रहेगी रोक,आज से 18 अप्रैल तक रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक रहेगा नाइट कर्फ्यू


जौनपुर जिला प्रशासन ने कोविड-19 के बढ़ते मरीज और संक्रमण रेट कार्य से ज्यादा होने के कारण आज देर रात 9:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक नाइट कर लगाने का किया ऐलान नाइट कर्फ्यू के दौरान आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर सभी सेवाओं पर रोक रहेगी,गैर प्रान्तों व अन्य जनपदों से बाहर से आने वाले लोगो को एक सप्ताह होम कोरेन्टीन व आइसोलेशन में रहना पड़ेगा नही तो उनके खिलाफ कोरोना महामारी सहित सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा,यही नही जिले में 15 अप्रैल को पहले चरण का चुनाव होना है नाइट कर्फ्यू के दौरान प्रचार प्रसार पर भी रोक जिला प्रशासन ने लगाई है।

         बता दें कि जिले में लागातार कोरोना पेशेन्ट बढ़ने से जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया जिसको आज मीडिया ब्रीफिंग के दौरान सीडीओ ने बताया कि आज रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक 18 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया गया,इस दौरान मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग के नियमो का पालनन करने वालोंपर जुर्माना लगाया जाएगा,वही जिला प्रशासन ने जनता से अपील की है कोरोना सक्रमण से बचाव ही इनका एक आवश्यक उपाय है,और आवश्यक न होने पर अपने घरों से बाहर न निकलने का ऐलान किया।

जौनपुर में आज रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक लगेगा नाइट कर्फ्यू

जौनपुर मुख्य विकास अधिकारी ने बताया आज रात 9 बजे सुबह 6 बजे तक रहेगा नाइट कर्फ़्यू,इस दौरान  पंचायत चुनाव का प्रचार नाइट कर्फ्यू के दौरान नही होगा, मास्क लगना अनिवार्य है जो लोग मास्क नही लगाएगा उसके होगा कार्यवाही की जाएगा बढ़ते कोरोना चलते लिया गया फैसला,जनपद के बाहर से आने वालों को 7 दिन होम आइसोलेशन व कोरेण्टाइन में रहना होगा,इसका पालन न करने पर माहमारी अधिनियम के तहत होगा मुकदमा दर्ज*

शिक्षक नेता रमेश सिंह के भतीजे का असामयिक निधन, शोक संवेदना जताने वालों का लगा ताता-

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 ज़ी माउंट लिट्रा अरविंद सिंह के अनुज थे मृतक. सतीश सिंह
   जौनपुर- उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व प्रांतीय उपाध्यक्ष /समाजसेवी रमेश सिंह के भतीजे व जी माउंट लिट्रा  स्कूल के प्रबंध निदेशक अरविन्द सिंह के अनुज सतीश सिंह का आज प्रातः  करीब साढ़े तीन बजे असामयिक निधन हो गया। बता दें कि सतीश पिछले करीब 5 माह से माउंथ कैंशर से पीड़ित चल रहे थे। जिनका उपचार चल रहा था। उनके मौत की खबर मिलते ही जिले में शोक की लहर दौड़ पड़ी। शोक संवेदना प्रकट करने व अंतिम दर्शन के लिए पैतृक गांव पिलखिनी में लोगो ताता लगा हुआ था


उनका अंतिम संस्कार शहर के रामघाट पर किया गया। 


इस मौके पर भारी संख्या में शिक्षक, राजनीतिक, समाजसेवी, व्यापारी समेत अन्य तमाम लोग मौजूद रहे। सभी ने नम आंखो से उन्हे अंतिम विदाई दी।

जौनपुर-उपजिलाधिकारी शाहगंज राजेश कुमार वर्मा हुए कोरोना पाजिटिव

 


जौनपुर से खबर-


*जौनपुर-उपजिलाधिकारी शाहगंज राजेश कुमार वर्मा हुए कोरोना पाजिटिव*....


अधीनस्थ स्टाफ एवं परिवार की जांच रिपोर्ट की प्रतिच्छा


 उप जिलाधिकारी  शाहगंज  स्वयं  हुए  होम क्वारंटाइन। एसडीएम  शाहगंज... के संपर्क में आए लोगों में मचा हड़कंप,कोरोना  पॉजिटिव होने की पुष्टि स्वयं एसडीएम ने जरिये सी0 यू0 जी0 नंबर पर  की ।

चैत्र नवरात्रि में दर्शनार्थियों के मन्दिर गर्भ गृह के प्रवेश पर लगी रोक

जौनपुर- नगर क्षेत्र स्थित शीतला चौकियां धाम में अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) डा. संजय कुमार ने स्थानीय लोगों के साथ बुधवार की शाम बैठक किया। उन्होंने कहा कि चैत्र नवरात्रि के अवसर पर दर्शन पूजन में होने वाली भारी भीड़, कोरोना महामारी की बढ़ती हुई स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया कि शीतला चौकियां धाम में दर्शन पूजन करने आने वाले दर्शनार्थी पर आगामी चैत्र नवरात्रि में विगत वर्ष की भांति इस बार भी मन्दिर गर्भ गृह में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। दर्शनार्थी कतार में खड़े होकर बाहर से ही माता रानी जी का झांकी दर्शन कर पायेंगे। इस अवसर पर मन्दिर प्रबंधक अजय कुमार पंडा, सचिन गिरी, विनय त्रिपाठी, शिवकुमार पंडा, प्रवीण पंडा, संदीप माली, शीतला चौकियां चौकी प्रभारी विनोद कुमार अंचल, विजय गौड़ आदि मौजूद रहे।

कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से लोगों में दहशत जगह-जगह नाइट कर्फ्यू लगना हुआ शुरू

 


जौनपुर- आज पूरा विश्व कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से दहशत में है जिसको लेकर भारत सहित कई देशों में कहीं-कहीं  नाइट कर्फ्यू  लगना शुरू हो गया है  वही  अन्य देशों  प्रांतों में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से फिर लॉकडाउन की स्थिति  सामने आ खड़ी है  इसके बावजूद भी लोग न तो मास्क का प्रयोग कर रहे हैं  नही सोशल डिस्टेंसिंग बना रहे है, इसके प्रति लोगों को तमाम तरीकों से जागरूक किया जा रहा है। जनपद जौनपुर के  सुविचार  सुविख्यात  मनोरोग चिकित्सक डा. उत्तम कुमार गुप्ता ने कोरोनावायरस के लक्षण, बचाव एवं इलाज के बारे में जनहित में बहुत महत्वपूर्ण सुझव  दिया है।

कोरो ना के प्रमुख लक्षण:


कोरोना से संक्रमित व्यक्ति में मुख्य लक्षण बुखार, थकान, सूखी खांसी होता है। साथ ही साथ शरीर में दर्द, सांस लेने में परेशानी, नाक से पानी बहना, गले में खरास और दस्त हो सकता है।

यदि कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आता है तो कोरोना के लक्षण दिखने में अमुमन 5—6 दिन या कभी—कभी 14 दिन का समय भी लग सकता है।


कोरोना संक्रमण से बचने के लिए प्रमुख उपाय 


अपने घर में रहें।

यदि कोई खांसता या छींकता है तो उससे उचित दूरी (1 मीटर) बना के रहे।

हाथों को बार—बार साबुन—पानी या एल्कोहल से बने सेनिटाइजर से धोयें।

अपने आंख, नाक व मुंह को न छुये।

यदि बीमार हैं या कोई लक्षण दिखे तो तुरन्त अपने नजदीकी डाक्टर या स्वास्थ्यकर्मी से सम्पर्क करें।

यदि अति आवश्यक न हो तो डाक्टर के क्लीनिक या अस्पताल न जाएं।


इलाज:

जौनपुर। कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से पूरा विश्व परेशान है। जिसको देखते हुए भारत सहित कई देशों में लॉकडाउन है। इसके प्रति लोगों को तमाम तरीकों से जागरूक किया जा रहा है। वहीं डा. उत्तम कुमार गुप्ता ने कोरोनावायरस के लक्षण, बचाव एवं इलाज के बारे में बताया है।

लक्षण:


कोरोना से संक्रमित व्यक्ति में मुख्य लक्षण बुखार, थकान, सूखी खांसी होता है। साथ ही साथ शरीर में दर्द, सांस लेने में परेशानी, नाक से पानी बहना, गले में खरास और दस्त हो सकता है।

यदि कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आता है तो कोरोना के लक्षण दिखने में अमुमन 5—6 दिन या कभी—कभी 14 दिन का समय भी लग सकता है।


बचाव:


अपने घर में रहें।

यदि कोई खांसता या छींकता है तो उससे उचित दूरी (1 मीटर) बना के रहे।

हाथों को बार—बार साबुन—पानी या एल्कोहल से बने सेनिटाइजर से धोयें।

अपने आंख, नाक व मुंह को न छुये।

यदि बीमार हैं या कोई लक्षण दिखे तो तुरन्त अपने नजदीकी डाक्टर या स्वास्थ्यकर्मी से सम्पर्क करें।

यदि अति आवश्यक न हो तो डाक्टर के क्लीनिक या अस्पताल न जाएं।

अपनी बारी आने पर वैक्सीन समय पर लगवाएं

 वैक्सीन संबंधित अफवाह पर कतई ध्यान दें

यह पूरी तरह से सुरक्षित है

इलाज:


अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

यदि बीमार महसूस कर रहे हो तो आराम करें, ज्यादा से ज्यादा पानी/जूस पीये, पौस्टिक भोजन करें, फलों का अधिक उपयोग करें।

अपने आप को अलग कमरे में रखें, परिवार के अन्य सदस्यों से दूरी बनाकर रखें।

ऐसे समय में मानसिक बीमारियां होना स्वाभाविक है जैसे— डिप्रेसन, तनाव, चिन्ता, नींद न लगना आदि।

इनसे बचने के लिए स्वस्थ जीवन शैली अपनायें, भरपूर और पौस्टिक आहार लें।

व्यायाम करें, स्ट्रेचिंग, इक्सरसाइज करें, योगा, प्राणायाम व ध्यान करें।

निगेटिव न्यूज या कोरोना से जुड़े न्यूज को कम से कम देखें।

अपने लोगों, मित्रों, परिजनो से फोन पर बात करें।

बच्चों का ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

यदि समस्या ज्यादा होती है तो अपने मनोचिकित्सक से सम्पर्क करें और बताई गई दवा का सेवन करें।

खुद से दवा खाने से बचें।

नशे का सेवन न करें।


डा. उत्तम कुमार गुप्ता

मंगल क्लीनिक

वाजिदपुर तिराहा, जौनपुर

अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

यदि बीमार महसूस कर रहे हो तो आराम करें, ज्यादा से ज्यादा पानी/जूस पीये, पौस्टिक भोजन करें, फलों का अधिक उपयोग करें।

अपने आप को अलग कमरे में रखें, परिवार के अन्य सदस्यों से दूरी बनाकर रखें।

ऐसे समय में मानसिक बीमारियां होना स्वाभाविक है जैसे— डिप्रेसन, तनाव, चिन्ता, नींद न लगना आदि।

इनसे बचने के लिए स्वस्थ जीवन शैली अपनायें, भरपूर और पौस्टिक आहार लें।

व्यायाम करें, स्ट्रेचिंग, इक्सरसाइज करें, योगा, प्राणायाम व ध्यान करें।

निगेटिव न्यूज या कोरोना से जुड़े न्यूज को कम से कम देखें।

अपने लोगों, मित्रों, परिजनो से फोन पर बात करें।

बच्चों का ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।


यदि समस्या ज्यादा होती है तो अपने मनोचिकित्सक से सम्पर्क करें और बताई गई दवा का सेवन करें।

खुद से दवा खाने से बचें।

नशे का सेवन न करें।


डा. उत्तम कुमार गुप्ता वरिष्ठ मनोचिकित्सक

मंगल क्लीनिक

वाजिदपुर तिराहा, जौनपुर, उत्तर प्रदेश

भाजपा के स्थापना दिवस पर जिला अध्यक्ष ने पं0 दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति पर किया माल्यार्पण

   


जौनपुर,-भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर  पण्डित दीन दयाल उपाध्याय के मूर्ति पर जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह के अध्यक्षता में माल्यार्पण किया गया उसके उपरान्त खरका कालोनी स्थित कार्यालय पर 41 दीपक जलाकर 41वा स्थापना दिवस मनाया गया, उक्त अवसर उपस्थित कार्यकर्ताओं को भाजपा 2 सीट से 303 सीट तक कैसे पहुँची इसको विस्तार से बताते हुये जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का जो गौरवशाली वर्तमान है इसके पीछे अतीत का लंबा संघर्ष है, संघर्ष की ये परंपरा आजादी के कुछ ही दिनों बाद 1951 में शुरू हुई जब स्वतंत्रता सेनानी श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी भारतीय राजनीति में जनसंघ नाम से लोकप्रिय ये राजनीतिक दल देश की राजनीतिक व्यवस्था में कांग्रेस के बढ़ते वर्चस्व को कम करने के लिए और लोगों के सामने एक राजनीतिक विकल्प देने के लिए बनाया गया था। तत्कालीन मीडिया और बौद्धिक जगत की बहस-डिबेट में जनसंघ को आरएसएस का राजनीतिक मंच कहा जाने लगा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुशासित सदस्य वैचारिक और संगठनात्मक रूप से जनसंघ के लिए जी-जान से काम करते रहे, जनसंघ ने कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाया और इसका जोरदार विरोध किया जनसंघ ने 1953 में कश्मीर मुद्दे को जोर-शोर से उठाया श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक देश-एक निशान-एक विधान का नारा दिया। मई 1953 में कश्मीर में प्रवेश करने के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया अगले महीने श्रीनगर में उनकी मौत हो गई उसके बाद जनसंघ की कमान दीनदयाल उपाध्याय के हाथों में आ गई, दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद का नारा दिया। 1967 तक जनसंघ की राजनीति में दो ऐसे युवा नेता प्रवेश कर चुके थे जो आने वाले दिनों में भारतीय राजनीति का चेहरा बदलने वाले थे ये दो शख्स थे अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी 1968 में वाजपेयी जी जनसंघ के अध्यक्ष बन गए इस दौरान पार्टी की तीन मुख्य मांगे थीं पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करना, गौहत्या पर रोक और जम्मू-कश्मीर को दिए विशेष दर्जे की समाप्ति। 1975 में इंदिरा गांधी ने जब देश में आपातकाल लागू किया तो जनसंघ सक्रिय होकर इसके खिलाफ आंदोलन में कूद पड़ा जनसंघ के कई नेता गिरफ्तार कर जेल में डाल दिए गए 1977 में इंदिरा गांधी ने आपातकाल खत्म करने की घोषणा की इसके साथ देश में आम चुनाव की प्रक्रिया भी शुरु हो गई उसी समय जनसंघ का जनता पार्टी में विलय हो गया कई दलों के विलय से बने जनता पार्टी का मकसद इंदिरा गांधी को परास्त करना था इस चुनाव में जनता पार्टी को जीत मिली और मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने अटल बिहारी वाजपेयी को मोरारजी कैबिनेट में विदेश मंत्री बनाया गया लेकिन 1979 में ये सरकार गिर गई इसके बाद 6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी के नाम से एक नये राजनीतिक दल की स्थापना की गई और अटल बिहारी वाजपेयी इसके पहले अध्यक्ष बने। 1984 में देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की पृष्ठभूमि में देश में आम चुनाव हुए सहानुभूति के अभूतपूर्व लहर में कांग्रेस ने विरोधियों का सफाया कर दिया इस चुनाव में बीजेपी मात्र 2 सीटें जीत पाई। 1986 में लालकृष्ण आडवाणी पार्टी के अध्यक्ष बने उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर राम जन्मभूमि आंदोलन शुरू किया 1989 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पहली बार सफलता का स्वाद चखा और इसकी सीटें 86 हो गईं इसके बाद भाजपा लगातार कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ती गई 1991 के लोकसभा चुनाव  के बीच मे राजीव गांधी की हत्या हो गई इस चुनाव में कांग्रेस ने वापसी तो की लेकिन  भाजपा दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और 120 सीटों पर जीत हासिल की। 1996 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 161 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी निश्चित रूप से भाजपा के साथ सरकार बनाने का संख्या बल नहीं था लेकिन सहयोगियों के समर्थन पर भरोसा कर अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने लेकिन समर्थन न मिलने की वजह से मात्र 13 दिन में ही उनकी सरकार गिर गई। उन्होंने आगे कहा कि 1998 में भाजपा ने अपने प्रदर्शन में सुधार किया और पार्टी ने इस बार के लोक सभा चुनाव में 182 सीटें जीतीं एनडीए के बैनर तले अटल फिर पीएम बने, इस बार उनकी सरकार 13 महीने चली। वाजपेयी की सरकार गिरने के बाद 1999 में देश में एक बार फिर से मध्यावधि चुनाव हुए भाजपा को इस बार भी 182 सीटें ही मिली लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी सहयोगियों के दम पर पूरे पांच साल तक सरकार चलाने में सफल रहे। उन्होंने आगे कहा कि पहली बार पांच साल तक सरकार चलाने के बाद 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भाजपा ने लोकसभा का चुनाव लड़ा और इंडिया शाइनिंग और फील गुड का नारा दिया लेकिन चुनावी समय में पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा एनडीए के कई सहयोगियों ने पार्टी का साथ छोड़ दिया इसके बाद 2004 से लेकर 2014 तक भारतीय जनता पार्टी विपक्ष में रही 2009 में आडवाणी के नेतृत्व में लड़े गए लोकसभा चुनाव में भाजपा को हार का ही मुंह देखना पड़ा, 2013 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी अहमदाबाद से केंद्र की राजनीति में आ गए थे 2014 में बीजेपी ने उनके नेतृत्व में लोकसभा का चुनाव लड़ा और प्रचंड रूप से केंद्र की सत्ता में वापसी की 282 सीटें लेकर बीजेपी ने पहली बार केंद्र में अपने दम पर सरकार बनाई 2019 के चुनाव में भी नरेंद्र मोदी कामयाबी के रथ पर सवार रहे इस बार के चुनाव में उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ दिया और 303 सीटों के रिकॉर्ड बहुमत के साथ दिल्ली में अपना दबदबा और भी बढ़ा लिया 39 सालों के भाजपा के सफर में पार्टी को 10 अध्यक्षों ने अपनी सेवा दी है इस समय भाजपा को जेपी नड्डा के रूप में 11वां अध्यक्ष मिला है। उक्त अवसर पर जिला महामंत्री सुशील मिश्र, पीयूष गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंघानियां, अमित श्रीवास्तव, किरण श्रीवास्तव, पूर्व जिला उपाध्यक्ष राम सिंह मौर्य, जिला मंत्री अभय राय, डीसीएफ चेयरमैन धनन्जय सिंह, भूपेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी आमोद सिंह, भूपेन्द्र पाण्डेय, विनीत शुक्ला, अनिल गुप्ता, रोहन सिंह, जिलाध्यक्ष युवा मोर्चा दिव्यांशु सिंह,  इन्द्रसेन सिंह, सुधांशु सिंह, प्रमोद प्रजापति, विपिन द्विवेदी, प्रतीक मिश्रा,  शुभम मौर्य आदि उपस्थित रहें।