health

Breaking News

जौनपुर - बीजेपी के लिए जौनपुर से चुनाव का आगाज करना शुभ है-सतीश कुमार सिंह 24UPNEWS.COM पर
संन्दीप यादव बी0ए0 तृतीय वर्ष

बिकता इंसाफ/जमी के परिन्दें
गगन के परिन्दे गगन तक उडेगें।
जमीं के परिन्दे जमीं तक उडेगें।।
गगन के परिन्दों की सीमा है निश्चित।
जमीं के परिन्दों की सीमा है अनिश्चित।।
गगन के परिन्दों के वादे है पक्के।
जमीं के परिन्दों के वादें है कच्चे ।।
गगन के परिन्दे है भोजन के भूखे।
जमीं के परिन्दे है हवस के है भूखे।।
गगन के परिन्दे को भोजन ही चाहिए।
जमीं  के परिन्दों को क्या -क्या है चाहिए।।
कहा तक करू  जमीं के परिन्दों का वर्णन।
इन्होने तो मर्यादा की सारी हदें पार कर दी।।
जमीं के परिन्दे कहा तक उडेगें.....
जमीं के परिन्दे कहा पर गिरगें।।
किस तरह गिरेंगे जीम के परिन्दें।
ये जमीं के परिन्दे गगन बेच देगें।
वतन बेच दंेगे।
गर मिले मुह मागी रकम तो खुलेआम
मा बहन बेच देगें।।
आज प्रतिस्पर्धा के लिए क्या नही हो रहा ।
कोई वेश्यालय ही अपना व्यवसाय बना लिया ।।
कोई बहन -बेटी को अपना शिकार बना लिया
गगन के परिन्दे गगन तक उडेगें।
जमीं के परिन्दें कहाॅ तक उडेगें।।

No comments:

Post a Comment