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फर्ज़ी सट्टे पाये जाने पर विभागीय एवं चीनी मिल अधिकारी होंगें दंडित - गन्ना आयुक्त

sonalikaजौनपुर। जिला गन्ना अधिकारी हुदा सिद्दीकी ने बताया कि आयुक्त गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग उ0प्र0 विपिन कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में परिक्षेत्र देवरिया के 04 गन्ना जनपदों देवरिया, आजमगढ, मऊ व कुशीनगर की 08 चीनी मिलों प्रतापपुर, खड्डा, रामकोला (पी), सठियावं, घोसी, कप्तानगंज, सेवरही व हाटा की सुरक्षण बैठक आज सम्पन्न हुई। इनमे से सठियावं व घोसी सहकारी क्षेत्र की तथा शेष चीनी मिलें निजी क्षेत्र की हैं। सठियावं, घोसी, रमकोला, खड्डा, सेवरही व हाटा चीनी मिलों द्वारा गत पेराई सत्र का शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया गया है। 02 चीनी मिलों कप्तानगंज व प्रतापपुर पर कुल मिलाकर मात्र 26.69 करोड़ का गन्ना मूल्य बकाया है, जिसमें से 21.77 करोड़ का बकाया अकेले चीनी मिल कप्तानगंज पर है। गन्ना आयुक्त द्विवेदी ने बकाया गन्ना मूल्य वाली चीनी मिलों को 30 सितम्बर तक शत-प्रतिशत भुगतान करने का निर्देश दिया और कहा कि गन्ना मूल्य बकाया रखने वाली चीनी मिलों के गन्ना क्रय केन्द्र काट कर दूसरी चीनी मिलों को आवंटित किये जायेगे। सुरक्षण बैठक में गन्ना आयुक्त ने कहा कि किसी भी चीनी मिल क्षेत्र में फर्ज़ी सट्टे संचालित नहीं होंगेें। परिक्षेत्रीय उप गन्ना आयुक्त व जिला गन्ना अधिकारी तथा चीनी मिलों को निर्देश दिया कि सट्टों की व्यापक जांच कराकर फर्ज़ी सट्टे निरस्त कर दिये जायें। फर्ज़ी सट्टे पाये जाने पर विभागीय एवं चीनी मिल अधिकारी होंगें दंडित। गन्ना क्रय केन्द्रों पर अनिवार्यतः उप गन्ना आयुक्त, जिला गन्ना अधिकारी, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों के मोबाइल नम्बर सूचनापट पर होगे अंकित ताकि गन्ना तौल में किसी प्रकार की अनियमितता पर किसान कर सकेगा शिकायत। गन्ना आयुक्त कैम्प में स्थापित नियंत्रण कक्ष नं0 (0522-2204163) से तुरंत होगी कार्यवाही। गन्ना सूचना प्रणाली(एस.आई.एस.) शत प्रतिशत होगी क्रियान्वित।  किसानों को समय से पर्ची प्राप्त होने में आने वाली कठिनाईयों को दूर करने के लिये आयुक्त महोदय ने पर्ची की सूचना किसानों को एस.एम.एस द्वारा उनके मोबाइल पर प्रेषित किये जाने तथा उसी एस.एम.एस. के आधार पर क्रय केन्द्र पर उसके गन्ने की तौल किये जाने के निर्देश दिये। इस वर्ष पर्ची निष्कासन की व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिये पर्ची क्रमांक निर्धारित किया जायेगा व शीघ्र सामान्य, अस्वीकृत एवं जले गन्ने आदि की अलग-अलग रंग की पर्चीयां निर्गत की जायेगी। आयुक्त श्री द्विवेदी ने बताया कि आगामी पेराई सत्र में घटतौली रोकने हेतु कई कडे़ कदम उठाये जा रहें हैं, ताकि गन्ना किसानों का शोषण न हानेे पाये। मिल गेट पर मैनुअल कांटा लगाये जायेंगे,  मिल क्षेत्र में धर्मकांटें किये जायेेगें चिन्हित जिन पर किसानों द्वारा कराई गयी गन्ने की तौल मान्य होगी, तौल लिपिको का पाक्षिक रूप से लाटरी पद्धति से होगा स्थानान्तरण। किसी भी मिल क्षेत्र में घटतौली पाये जाने पर संबंधित चीनी मिल एवं गन्ना विभाग के अधिकारी भी किये जायेंगंे दंडित। घटतौली पाये जाने पर क्रय केन्द्र के पूर्व निरीक्षण की तिथि से बीच की अवधि में तौले गये समस्त गन्ने पर पकड़ी गई घटतौली प्रतिशत के आधार पर वसूला जायेगा अतिरिक्त गन्ना मूल्य। गन्ना क्रय केन्द्रों पर किसानों को गन्ने की तत्काल तौल कराने के निर्देश चीनी मिलों को दिये गये। किसी भी दशा में गन्ना तौल हेतु किसान इन्तज़ार नही करेगा। डनलप से गन्ने की उतराई का किसान को कोई पैसा नहीं देना होगा। आयुक्त श्री द्विवेदी ने बताया कि सामान्य गन्ने के साथ ही जले गन्ने के गन्ना मूल्य का भुगतान कराने की व्यवस्था भी की जा रही है  सुनिश्चित तथा गन्ना उत्पादकता को देखते हुए उपज बढोत्तरी के आवेदनों पर बढ़ाई गयी है अधिकतम सट्टे की सीमा। समिति सदस्यता एवं उपज बढोत्तरी के आवेदन देने की तिथि 15 अक्टूबर तक बढ़ाई गयी है। किसानों उच्च गुणवत्ता के कृषि निवेश उपलब्ध कराने हेतु गन्ना समितियों में केवल इफको, कृमको से बायोफर्टिलाइजर एवं पेस्टीसाइड का आपूर्ति लेने हेतु दिये गये है, कड़े निर्देश। चीनी मिलें किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर देंगी प्रेसमड। आयुक्त श्री द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश की औसत उत्पादकता राष्ट्रीय स्तर तक पहुचाने के लिये आवश्यक है कि पेड़ी गन्ने की उपज बढ़ाई जाये। इसके लिये पेड़ी प्रबन्धन किया जाना जरूरी है। देवरिया परिक्षेत्र की सुरक्षण बैठक में गन्ना समिति व गन्ना विकास परिषदों के अध्यक्ष तथा किसानों ने भी अपने सुझाव व विचार रखे। बैठक में मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त, संबंधित जिलों के जिला गन्ना अधिकारी, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक एवं गन्ना समितियों के सचिव के अलावा भारी संख्या में किसानों ने भाग लिया। सुरक्षण बैठक का संचालन मुख्यालय के संयुक्त गन्ना आयुक्त(क्रय), श्री विश्वेश कनौजिया ने किया।