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राज्य कर्मचारियों का तीसरे दिन में धरना प्रदर्शन रहा जारी,सभी कार्यालयों में तालाबंदी से आम जनता रही परेशान,कर्मचारी नेता राकेश श्रीवास्तव सहित हजारों कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में सरकार को सद्बुद्धि हेतु किया यज् 24upnews.com

जौनपुर में पुलिस की पिटाई से टूटा युवक का पैर, ग्रामीणों ने कांस्टेबल को बनाया बंधक

जौनपुर। जनपद की मछलीशहर थाने की पुलिस ने एक मामूली विवाद के चलते एक युवक की लाठी डण्डे से जमकर पिटाई कर दिया, पुलिसिया पिटाई से युवक का पैर ही टूट गया। अपनी आंखो के सामने अपने बेटे की हालत देखकर गांव की महिलाएं और पुरूष दोनो पुलिसकर्मियों को मुंह तोड़ जवाब दिया। दोनो को बंधक बना लिया। सीओ मछलीशहर मौके पर पहुंचकर ग्रामीणो की चंगुल से दोनो कास्टेबलो को मुक्त कराया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जौनपुर जिले के मछलीशहर थाना क्षेत्र के निवासी एक महिला ने अपने पट्टीदार पर बेटी के साथ छेड़खानी करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दिया था। महिला की शिकायत पर थाने से दो पुलिस कास्टेबल आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए गांव पहुंचे थे। पहले आरोपी के परिवार वालो ने उसे घर न रहने की बात कहकर पुलिस को वापस कर दिया। थोड़ी देर बाद पुनः पुलिस गांव में पहुंचकर सीधे आरोपी के घर में घुसकर आरोपी रमेश यादव को पकड़कर अपने साथ ले जाने लगी। जिस पर आरोपी से धक्का मुक्की होने लगी। 
आरोप है कि पुलिस वालो ने उसे लाठियों जमकर पिटाई शुरू कर दिया। जिससे आरोपी का पैर ही टूट गया। रमेश को पिटता देख उसके परिवार समेत गांव की अन्य महिला पुरूषो ने पुलिस कर्मियों को घेर कर पिटाई किया उसके बाद दोनो को बंधक बना लिया। 
सूचना मिलते ही पुलिस के आलाधिकारियों में हड़कंप मच गया। मौके सीओ मछलीशहर पहुंचकर दोनो कास्टेबलो को मुक्त कराया। उधर इस मामले में घायल पुलिस कास्टेबल की तहरीर पर 6 नामजद समेत 50 अज्ञात लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गयी है।

अब नहीं बदल सकेंगे पुराने नोट, ख़त्म हो गया आखिरी मौका

Image result for images of 500 and 1000 ke purane note  नई दिल्ली। पुराने 500 और 1000 के नोट बदलने की आखिरी मौका भी अब ख़त्म हो गया। 
बता दें कि 31 मार्च की शाम 5 बजते ही पुराने नोट को जमा कराने के लिए RBI के काउंटर भी बंद हो गए। आखिरी दिन सुबह से ही रिजर्व बैंक के बाहर लंबी कतार लगी रही। लोग प्रतिबंधित हुई 500 और 1000 रुपये की करेंसी को रिजर्व बैंक में जमा कराने के लिए आखिरी वक्त पर परेशान दिखे।

जौनपुर में ग्रामीणों ने की जिलाधिकारी को पत्र देकर शराब के ठेके को गांव से बाहर करने की मांग

जौनपुर। एक अप्रैल से प्रदेश भर में राजमार्ग से स्थानान्तरित हो रही शराब की दुकाने अब घनी बस्ती के बीच संचालित होती नज़र आएँगी। समस्या यह हैं की इतनी सूझ बूझ से सरकार चला रहे सीएम योगी ने इस समस्या पर गौर क्यों नहीं किया स्थानान्तरित हो रही दुकाने कहीं मन्दिर के पास, तो कही, शिक्षा मन्दिर के पास, और कहीं-कहीं पर तो मांगलिक कार्यक्रमों के लिये तय स्थान गेस्ट हाउसों के पास खुलने जा रही हैं, जिसके चलते कई तरह के अपराधो के ग्राफ़ बढ़ने की भी आम जनमानस आशंका व्यक्त करता नज़र आ रहा हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नेवढ़िया थाना क्षेत्र के भवानीगंज कोलावरी गांव की महिलाऐं व पुरूषों ने भी जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर शराब के ठेके को गांव से बाहर किये जाने की मांग की है। महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब का ठेका खुल जाने से महिलायों घर की बहू बेटियो को काफी परेशानी होगी इसे गांव से बाहर किया जाय जिन स्थानों पर शराब की दुकाने संचालित होंगी, उन्ही स्थानों से अधिकतर महिलाओं और छात्राओं के आना जाना भी लगा रहता हैं फ़िलहाल घरो की महिलायें इस फैसले से नाखुश नज़र आ रही हैं।

शीतला धाम चौकियां में नवरात्रि में लाखों की तादाद में दर्शन के लिए पहुंचते है दर्शनार्थी, पढ़ें पूरी खबर

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मां शीतला की एक झलक पाने के लिए कई कई घंटे कतारों में खड़े रहे श्रद्धालु
जौनपुर। बात जब धर्म के इतिहास की चलती है तो पूर्वांचल ही नहीं पूरे देश में जनपद की शक्तिपीठ मां शीतला चौकियां धाम का जिक्र जरुर होता है। इस धाम का सनातन धर्म के इतिहास में कितना महत्व है इसका अंदाजा मारकण्डेय पुराण में उल्लिखित इस पंक्ति से बखूबी लगाया जा सकता है- शीतले तू जगन्माता, शीतले तू जगत पिता, शीतले त्वं जगतधात्री, शीतलाय नमो नम:। यही वजह है कि आज भी इस देवस्थली का शुमार देश की प्रमुख शक्तिपीठों में किया जाता है। 
भक्त आज भी मां विन्ध्यवासिनी के दर्शन के साथ मां शीतला के दर्शन भी जरुर करते है। जहां तक इस शक्तिपीठ के स्थापत्य काल का प्रश्न है तो सनातन धर्म की इस देवस्थली के बारे में कई किवदंतियां तो हैं ही इतिहास के पन्नों पर भी जो कथाएं उल्लिखित है उसके आधार पर यह शक्तिपीठ चार सौ से पाँच वर्ष पुरानी मानी जाती है। साथ ही यह भी कहा जाता है कि इस देवस्थली का इतिहास जनपद के अस्तित्व काल से ही जुड़ा है। इतिहास के पन्नों पर दर्ज गाथाओं के अनुसार चौकियां देवी की स्थापना भरों के शासनकाल में हुई थी क्योंकि जनपद के अस्तित्व में आने के साथ भरों के शासन की भी शुरुआत होती है। ऐसा उल्लिखित है कि देश में अति प्राचीन काल से ही शिव और शक्ति की उपासना की जाती थी। सैन्यधन सभ्यता काल का वृषभ और मातृदेवी की मूर्ति की प्राप्ति से यह प्रमाणित भी हो चुका है। इतिहास के आधार पर जनपद हिन्दू राजाओं के काल में आबाद हुआ। सभी जातियों के मिले जुले साधू संत आदि गंगा मां गोमती के तट पर अनेक मंदिरों का निर्माण कर वहीं उपासना किया करते थे। जिसमें कुछ के ध्वन्सांवशेष और कुछ के जीर्णोद्धार परिष्कृत रुप से आज भी देखने को मिलते है। शीतला माता मंदिर भी इसी समय का माना जाता है। हालांकि कुछ लोग इसे यादव शासकों द्वारा निर्मित किया गया मानते हैं लेकिन प्रमाणों के आधार पर यह लगभग पुष्ट हो चुका है कि शीतला माता मंदिर भरों के शासनकाल में ही अस्तित्व में आया है। ऐसा माना जाता है कि जनपद के अस्तित्व में आने के साथ भर शासकों का भी उदय हुआ और भर शासक शक्तिशाली भी थे। वर्तमान किले के स्थान पर ऐसा कहा जाता है कि प्राचीन भरों का किला था और भर शासकों द्वारा ही वर्तमान चौकियां धाम पर चौकी का निर्माण कराया और वहीं पर मूर्ति की स्थापना की और यही वजह है कि चौकी अर्थात चबूतरे के नाम से ही इस स्थान का नाम भी चौकियां धाम पड़ा। देवी शीतलता प्रदान करतीं हैं इसे शीतला चौकिया धाम कहा गया। दूसरी तरफ ऐसा भी कहा जाता है कि 1722 ई. में उस स्थान पर मां शीतला की मूर्ति स्थापित की गयी जिसके पीछे तर्क यह दिया जाता है कि गांव के एक माली देवचंद के परिवार में शीतला देवी नामक एक स्त्री थी जो देवी की बड़ी पुजारन थी। कम उम्र में ही पति के दिवंगत होने के साथ ही वह भी उसी स्थान पर सती हो गयी। जिस स्थान पर वह सती हुई वहां कुछ लोगों द्वारा प्राचीन र्इंट का चबूतरा स्थापित किया गया और बाद में इसका नाम शीतला चौकियां हो गया। हालांकि इस किवदंती से अधिकांश लोग सहमत नहीं है। कुछ लोगों का यह मानना है कि इब्रााहिम शाह शर्की नगर से सटे प्रेमराजपुर में गोमती किनारे बने विजय मंदिर जो की शीतला देवी का मंदिर था गिराने लगे तो कुछ हिन्दुओं ने वहां स्थापित मूर्ति को उठा लिया और उसी स्थान पर चबूतरा बनाकर स्थापित कर दिया गया जहां आज शीतला चौकियां धाम है जो भी हो आज भी शीतला चौकियां धाम देश की प्रसिद्ध शक्तिपीठों में शुमार किया जाता है। जनपद के जंक्शन रेलवे स्टेशन से पूर्व उत्तर दिशा में लगभग तीन किलोमीटर और जिला मुख्यालय से करीब पाँच किलोमीटर दूर उत्तर पूर्व स्थित इस अतिप्राचीन धर्मस्थान पर आज भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शीश नवाने के लिए और अपनी मनोकामना पूर्ण कराने के लिए मां के चरण तक पहुंचते है। नवरात्र आरम्भ में यह स्थान पूरी तरह भक्तों की भीड़ से भर जाता है। मां की एक झलक पाने के लिए लोग कई कई घंटे कतारों में खड़े दिखाई पड़ते है। जिले का यह प्राचीन धर्मस्थल आज भी जनपदवासियों के साथ गैर जनपद के लोगों के लिए भी आस्था का एक प्रमुख केंद्र है और यह भी देखा जाता है कि दूर दराज के जनपदों के लोग भी जिन्हें इस धाम के बारे में जानकारी वे मां विन्ध्यवासिनी के दर्शन के पूर्व यहां मत्था टेकने जरुर आते है। ऐसा माना जाता है कि मां शीतला चौकियां के दर्शन किए बिना मां विन्ध्यवासिनी का दर्शन करने वालों के साथ कभी भी कोई अनहोनी घटनाएं घटित हो सकती है। इतना ही नहीं ऐसा भी विश्वास है कि मां शीतला चौकियां धाम के दर्शन के बाद मां विन्ध्यवासिनी का दर्शन करने से दर्शन पूर्ण एवं सफल होता है।

हाईवे से 500 मीटर के दायरे में नहीं खोल सकेंगे शराब की दुकान - सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे से 500 मीटर के दायरे में आने वाली शराब की दुकानों को राहत न देते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन इलाकों से हाईवे गुजरता है अगर वहां आबादी 20 हजार से कम है, तो वहां शराब की दुकानों की दूरी हाईवे से 220 मीटर होगी।
हालांकि जहां 20 हजार से ज्यादा आबादी है वहां पर शराब की दुकानों को हाइवे से 500 मीटर की दूरी पर खोलना होगा। लेकिन सिक्किम और मेघालय की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए कोर्ट का आदेश वहां लागू नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि हाइवे के नजदीक बार और रेस्टोरेंट में शराब की दुकानों पर लगी पाबंदी बरकरार रहेगी।
पिछले दिनों हाईवे के 500 मीटर के दायरे में कोई शराब की दुकान नहीं होने के मामले की केंद्र और राज्यों के शराब संघों ने दूरी को कम करने की मांग की थी।
आपको बता दें की सुप्रीम कोर्ट ने ने 15 दिसंबर 2016 को राज्य सरकारों को हाईवे के 500 मीटर के दायरे वाली शराब की दुकानों के लाइसेंस एक अप्रैल के बाद नवीनीकृत नहीं करने का आदेश दिया था।

एंटी रोमियो स्क्वायड टीम को सीएम योगी का निर्देश ! किसी भी युवक का ना तो सिर मुंडवाया जाए, ना ही मुर्गा बनाया जाय

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद यूपी की नई सरकार का अगर कोई फैसला सबसे ज्यादा चर्चा में है तो वो है एंटी रोमियो स्क्वायड। सीएम योगी ने पुलिसवालों को सख्त आदेश दिया है कि एंटी रोमियो स्क्वायड अगर किसी युवक को पकड़ता है तो ना तो उसका सिर मुंडवाया जाए, ना ही मुंह पर कालिख पोती जाए और ना ही उन्हें मुर्गा बनने के लिए कहा जाए।
एंटी रोमियो स्क्वायड बनने के बाद यूपी पुलिस जिस तरह से लोगों को खासकर युवा जोड़ों और महिला-पुरुष मित्रों को परेशान कर रही है उससे इस फैसले पर ही सवाल उठने लगे थे। स्क्वॉड के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ को पुलिस वालों के लिए नई गाइडलाइन जारी करनी पड़ी।
एंटी रोमियो स्क्वायड बनने के बाद से ही सीएम आदित्यनाथ को ये शिकायत मिल रही थी की पुलिस निर्दोष लोगों को भी परेशान कर रही है। इसके साथ ही पुलिसवाले छेड़छाड़ के नाम पर लोगों से ज्यादती कर रहे हैं। इन्ही शिकायतों के बाद योगी ने ये फैसला किया।
बीते दिनों इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने भी इस मामले में यूपी सरकार को नसीहत दी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि एंटी रोमियो स्क्वायड आरोपियों के साथ ऐसा कोई ऐसा व्यवहार ना करे जो कानूनी रूप से सही नहीं है।
इस फैसले के साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के मुख्य पुलिस अधिकारियों को लगातार एंटी रोमियो स्क्वायड के कामों को रिव्यू करने का भी आदेश दिया है।

प‌िकन‌िक मनाने गए नर्स‌िंग के तीन छात्रों की नदी में डूबकर मौत, दो की हालत नाजुक

लखनऊ। राजधानी के करनैलगंज स्थ‌ित सरयू नदी के क‌िनारे प‌िकन‌िक मनाने गए नर्स‌िंग के तीन छात्रों की नदी में डूबकर मौत हो गई, जबकि दो की हालत गंभीर है जिन्हें इलाज हेतु अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताब‌िक गोंडा के एसपीएम मेमोरियल पैरा मेडिकल कालेज के नर्सिंग छात्र-छात्राओं की 40 सदस्यीय टीम शुक्रवार को बस से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र करनैलगंज ट्रेनिंग के लिए गई थी। वहां से कुछ छात्र-छात्राएं दर्शन को सरयू नदी के घाट पर गए थे जहां ये हादसा हो गया। छात्र वहां घूमने गए थे जहां नदी में उतरते समय एक छात्र का पैर फिसल गया। उसे बचाने के चक्कर में दो छात्रों समेत तीन की नदी में डूबने से मौत हो गई, जबकि दो छात्राओं को बचा लिया गया है। 
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम हेतु भेजकर आवश्यक कार्यवाही में जुट गयी है।

सीएम योगी पहुंचे मुलायम की बहू अपर्णा यादव और बेटे प्रतीक यादव के गौशाला कान्हा उपवन

Image result for images of cm yogi पहुंचे कान्हा उपवन गौशालालखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने राजधानी में गौशाला कान्हा उपवन का भ्रमण किया। इस गौशाला की देखरेख मुलायम सिंह की बहू अपर्णा यादव और बेटे प्रतीक यादव करते हैं। इस गौशाला में पहुंचकर सीएम योगी ने गायों को चारा खिलाया। इस मौके पर डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा और मंत्री स्वाति सिंह भी मौजूद थीं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ की और कहा कि गौसेवा के लिए वे खुद आए और गायों को चारा खिलाया। उन्होंने यह भी कहा कि योगी आदित्यनाथ बेहद अच्छे इंसान हैं और सेवा के काम में हमेशा लगे रहते हैं। इस गौशाला की देखरेख करने वाली संस्था का नाम है जीवाश्रय। 
इसके संरक्षक मुलायम के बेटे प्रतीक यादव हैं। कान्हा उपवन में लावारिस पशुओं को रखा जाता है। इसमें गोवंश के पशुओं के अलावा कुत्तों को भी संरक्षण दिया जाता है। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री बनने के बाद से योगी आदित्यनाथ और अपर्णा यादव की ये दूसरी मुलाकात है।

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी ! एक अप्रैल से रेलवे के कई नियमों में होगा बदलाव

नई दिल्ली। भारतीय रेल में सफर करने वाले रेलयात्रियों के लिए खुशखबरी है। एक अप्रैल से भारतीय रेलवे के कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है। जिसके तहत यात्रीगण कई तरह की सुविधाओं का फायदा उठा सकते हैं। जिसके तहत अब वेटिंग में सफर करने वाले यात्रियों को कंफर्म टिकट उपलब्ध कराया जायेगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रेलवे 1 अप्रैल से 'विकल्प' स्कीम लॉन्च करने जा रही है। विकल्प स्कीम के तहत अब रेलवे का वेटिंग टिकट लेने वाले पैसेंजर अगली ट्रेन में कन्फर्म सीट पा सकते हैं। इसके तहत मेल और एक्सप्रेस ट्रेन का टिकट लेने के बाद राजधानी और शताब्दी ट्रेन में भी ट्रेवल कर सकेंगे।
रेलवे को इस स्कीम के लागू होने से टिकट रिफंड भी कम करना पड़ेगा, जो सीधे तौर पर उसके लिए फायदेमंद होगा। दरअसल रेलवे को विभिन्न कारणों से टिकटों कैंसल किए जाने के चलते यात्रियों को साल में करीब 7,500 करोड़ रुपये (रिफंड) करना पड़ता है। इस योजना से रेलवे दोहरा लक्ष्य को पूरा करेगी।
रेलवे की नई योजना 'विकल्‍प' के तहत वेटिंग लिस्‍ट में शामिल कुछ यात्रियों को उसी रूट पर चलने वाली दूसरी ट्रेनों में खाली पड़ी बर्थ आवंटित की जाएगी। अभी यह सुविधा सिर्फ ई-टिकट पर लागू होगी। इसके तहत यात्रियों को टिकट बुक कराते समय विकल्‍प के ऑप्‍शन को भी चुनना होगा।
किराये में अंतर पर रेलवे न तो यात्रियों से अतिरिक्‍त शुल्‍क वसूलेगा और न ही पैसे रिफंड करेगा। इसमें यह भी व्‍यवस्‍था है कि वैकल्पिक ट्रेन में बर्थ मिलने पर मूल ट्रेन से यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही इसमें यह भी सुविधा है कि मूल ट्रेन (जिसमें रिजर्वेशन करवाया था) के छूटने के समय के 12 घंटे के भीतर ही दूसरी ट्रेनों में रिजर्वेशन मिलेगा।

केंद्र सरकार ने पीपीएफ समेत स्मॉल सेविंग्स डिपॉजिट्स की ब्याज दरों में की कटौती

Image result for images of demo of small saving depositनई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पीपीएफ समेत स्मॉल सेविंग्स डिपॉजिट्स की ब्याज दर 0.1 फीसदी कम कर दी है। छोटी जमा बचत पर ब्याज दरों में कटौती की नई दरें एक अप्रैल से लागू होंगी। यानी कि 1 अप्रैल 2017 के बाद से इन खाताधारकों को कम ब्याज मिलेगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ), किसान विकास पत्र, सुकन्या समृद्धि खाता और सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम की मौजूदा ब्याज दरों पर यह कटौती लागू होगी।
सरकार ने किसान विकास पत्र पर ब्याज घटाकर 7.6% कर दिया वहीं वरिष्ठ नागरिकों की सेविंग्स पर दर 0.1% घटाकर 8.4% कर दिया। इसी तरह अप्रैल-जून तिमाही के लिए पीपीएफ पर ब्याज दर घटाकर 7.9% कर दी गई। बता दें कि अब तक 8 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा था।
वहीं पांच साल की मियाद वाले नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर यह दर 7.9 फीसदी होगी। एक से पांच साल की मियादी जमा पर ब्याज दर 6.9 से 7.7 प्रतिशत होगी और इसका भुगतान तिमाही आधार पर होगा। रेकरिंग जमा (आरडी) पर ब्याज दर 7.2 प्रतिशत होगी।
सूत्रों की मानें तो मंत्रालय ने 2016-17 की चौथी तिमाही के लिये ब्याज दरों को जारी करते हुए कहा कि सरकार के निर्णय के आधार पर लघु बचत जमा योजनाओं पर ब्याज दरों को तिमाही आधार पर अधिसूचित किया जाता है।
बता दें कि साल 2017 की शुरुआत में सरकार ने लोक भविष्य निधि (PPF) और डाकखानों (Post Office) के जरिए परिचालित किसान विकास पत्र जैसी अन्य लघु बचत योजनाओं (Small saving scheme) पर ब्याज दर जनवरी-मार्च तिमाही में पहले जैसे रखने का फैसला लिया था।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला ! 25 वर्ष के बाद भी दे सकेंगे NEET परीक्षा

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने NEET परीक्षा के लिए 25 वर्ष से ऊपर के उम्मीदवारों को अनुमति दे दी है। इसके अलावा उच्चतम न्यायालय ने फॉर्म भरने की तिथि भी 5 अप्रैल तक बढ़ा दी है।
सीबीएसई द्वारा देशभर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए NEET एग्जाम का आयोजन किया जाएगा। सीबीएसई ने पहले बताया था कि NEET-17 को पहला अटेम्प्ट माना जाएगा और हर छात्र सिर्फ तीन बार ही इस परीक्षा में हिस्सा ले सकेंगे। इसके बाद छात्रों ने काफी विरोध भी किया था क्योंकि इसके साथ ही साथ उम्र सीमा को भी 17-25 साल तक कर दिया गया था।
लेकिन बाद में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने 'NEET' में हिस्सा लेने वाले छात्रों के लिए उम्र सीमा को हटाने का फैसला किया था। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के वाईस प्रेसिडेंट की मानें तो इसके पीछे कमेटी का दावा था कि इससे देशभर में डॉक्टरों की संख्या में कमी आ सकती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बारे में हमें प्रस्ताव भेजा और हमने इसे पास किया।
आपको बता दें कि मेडिकल काउंसिल एक्ट-1956 और डेंटिस्ट एक्ट-1948 के मुताबिक, जिनमें 2016 में कुछ संसोधन किए गए देशभर के कॉलेजों में MBBS और BDS कोर्स में दाखिले के लिए  NEET-2017 परीक्षा सीबीएसई द्वारा आयोजित की जाएगी।

जेल निरीक्षण में जेल मैनुअल की खामियों से एसपी सिटी दिखे नाराज, जेल प्रशासन को लगाई फटकार

जौनपुर। जिला जेल पर तिमाही निरीक्षण करने पहुचे डीएम, एसपी जिला जज व सीजेएम और पुलिस।  अन्य आला अधिकारी निरीक्षण के लिए परेशान, जहाँ निरीक्षण करके लौटने के दौरान एस पी सीटी कमलेश दीक्षित, जेल अधीक्षक और जेलर में कहा सुनी हो गयी। सूत्रों की मानें तो जेलर ने माफी माँगी। 
बताया जा रहा है की निरीक्षण के दौरान बैरक की चाबी न मिलने से एसपी सिटी नाराज़ दिखे। 
सूत्रों के हवाले से आनन फानन में जेल अधीक्षक पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। काफी देर तक दोनों अधिकारियों के बीच मंत्रणा चली लेकिन कैमरे पर बोलने पर कोई भी अधिकारी तैयार नहीं हुआ।

गोहत्या करने वालों को मिलेगी अब उम्र कैद की सजा

Image result for images of गुजरात में गोहत्या करने पर होगी उम्रकैदनई दिल्ली। गुजरात में अब गाय की हत्या करने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाएगी। गुजरात विधानसभा में गौवंश की हत्या को लेकर मौजूदा कानून में सख्त बदलाव किया गया है।
इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने कहा था कि गाय के हत्यारोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाई का कानून इसी सप्ताह में विधानसभा से पारित किया जाएगा। रूपानी ने कहा था कि गाय या गौवंश की हत्या गैरकानूनी है।
सीएम रूपानी ने कहा था कि गुजरात में पहले से ही गौवंश की हत्या का कानून मौजूद है जोकि तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी लेकर आये थे लेकिन अब इस कानून को और सख्त बनाने की जरूरत है।
बताया जा रहा है कि नए कानून के तहत गौ हत्या के आरोप साबित होने पर एक लाख रूपये तक का जुर्माना और उम्र कैद की सजा तक का प्रावधान होगा।
सूत्रों की मानें तो 2017 में आगामी गुजरात विधानसभा चुनावों को देखते हुए गुजरात की वर्तमान बीजेपी सरकार इस कानून लाना चुनावी तैयारियों के लिए एक अहम कड़ी माना जा रहा है।
गो-हत्या पर पूरे प्रतिबंध के मायने हैं कि गाय, बछड़ा, बैल और सांड की हत्या पर रोक। इन राज्यों में जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महराष्ट्र, छत्तीसगढ़, और दो केन्द्र प्रशासित राज्य दिल्ली और चंडीगढ़ में लागू है।
गो-हत्या कानून के उल्लंघन पर सबसे कड़ी सजा भी इन्हीं राज्यों में तय की गई है। हरियाणा में सबसे एक लाख रुपए तक का जुर्माना और 10 साल की जेल की सजा का प्रावधान है।
महाराष्ट्र में गो-हत्या पर 10,000 रुपए का जुर्माना और पांच साल की जेल की सजा है. हालांकि छत्तीसगढ़ के अलावा इन सभी राज्यों में भैंस के काटे जाने पर कोई रोक नहीं है।
आंशिक प्रतिबंध का मतलब है कि पशू को ‘फिट फॉर स्लॉटर सर्टिफिकेट’ मिला हो। सर्टिफिकेट पशु की उम्र, काम करने की क्षमता और बच्चे पैदा करने की क्षमता देखकर दिया जाता है।
असम और पश्चिम बंगाल में जो कानून है उसके तहत उन्हीं पशुओं को काटा जा सकता है जिन्हें ‘फिट फॉर स्लॉटर सर्टिफिकेट’ मिला हो। ये उन्हीं पशुओं को दिया जा सकता है जिनकी उम्र 14 साल से ज्यादा हो, या जो प्रजनन या काम करने के लायक न बचा हो।