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यह हैं भाजपा की पांचवीं पास महिला प्रत्याशी, नहीं पता है किस पार्टी से लड़ रही चुनाव

बीजेपी ने बनकटी नगर पंचायत सीट से ऐसे प्रत्याशी को मैदान में उतारा है जिन्हें इस बात की जानकारी भी नहीं है कि वह किस पार्टी से चुनाव लड़ रही हैं।

बस्ती. भाजपा के लिये निकाय चुनाव किसी अग्नि परीक्षा से कम नही है और पार्टी इसको लेकर एड़ी चोटी का जोर लगाये हुए है। उम्मीदवारों के चयन के बाद पार्टी में उठापटक भी मची है। भाजपा ने उम्मीदवारों के चयन को लेकर बनकटी नगर पंचायत में जो दांव खेला है, वह दांव पार्टी पर भारी पड़ता दिख रहा है। दरअसल भाजपा ने इस सीट से ऐसे प्रत्याशी को मैदान में उतारा है जो महज पांचवीं पास है और उन्हें इस बात की जानकारी भी नहीं है कि वह किस पार्टी से चुनाव लड़ रही हैं। यह महिला प्रत्याशी भारतीय जनता पार्टी के बजाये जनता पार्टी भारतीय के नाम से वोट मांग रही है ।
निकाय चुनाव से ठीक पहले टिकट हासिल करने के मकसद से बीजेपी ज्वाईन करने वाले सपा के नेता रहे अरविंद पाल सीडीए नाम से एक प्राईवेट स्कूल चलाते हैं। चुनाव से ठीक पहले बनकटी नगर पंचायत की सीट महिला आरक्षित हो गई। सीट महिला आरक्षित होने के बाद अरविंद पाल के मंसूबो पर पानी फिर गया और वे अपने स्कूल की एक दाई उर्मिला देवी को टिकट दिलवाकर चुनाव मैदान में कूद पड़े ।
उर्मिला देवी पांचवीं तक पढ़ी है और उन्हें राजनीति का एबीसीडी तक नहीं पता है, मगर जब मालिक ने उन्हें चुनाव लड़ने को कहा तो मजबूरी मे वे जनता से वोट मांगने आ गई। उर्मिला देवी चुनाव लड़ने से पहले एक स्कूल में खाना बनाने और बर्तन धोने का काम करती थी। उर्मिला देवी गांव गांव वोट मांगने पहुंच रही हैं, मगर उन्हें न तो यह पता है कि जिस पद के लिये वे चुनाव मैदान है उसे अंग्रेजी में क्या कहते हैं। उर्मिला देवी को यह भी पता नहीं कि जनता की मूल समस्या क्या है और अगर जीत जाती है वे तो जनता के लिये क्या करेंगी।
अरविंद पाल एक महीने पहले सपा से बीजेपी मे आये और अब खुद को वरिष्ठ भाजपाई कहते नजर आ रहे हैं। अरविंद पाल ने उर्मिला देवी को मोहरा बनाकर बीजेपी से टिकट दिलाने मे कामयाब तो हो गये लेकिन अब वही उर्मिला देवी उनके लिये ही गले की फांस बन गई हैं, जिसका फायदा बसपा और सपा को मिल सकता है। बहरहाल इस अजब गजब प्रत्याशी को लेकर चर्चा आम हो गई है कि अगर किसी अनपढ को अपना चेयरमैन चुना गया तो क्षेत्र का विकास कैसे होगा ।