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जौनपुर की इत्र,इमरती व् ईमानदारी की दी जाती है मिसाल-सीएम योगी 24UPNEWS.COM पर

घूसखोर लेखपाल का वीडियो वॉयरल,मीडिया के हस्तक्षेप के बाद लेखपाल हुआ निलंबित कर जांच टीम गठित

जौनपुर-जिले के मड़ियाहूं तहसील में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना किसान सम्मान निधि का धन किसानों को देने के लिए लेखपालों द्वारा धन उगाही करने का कारनामा नहीं रुक पा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भी भ्रष्टाचार को रोकने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं लेकिन उनके शासनकाल में उनके ही कर्मचारी योजनाओं का पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं।मड़ियाहूं तहसील के गांवों में लेखपाल किसानों को 2000 दिलाने के नाम पर 100 रूपए से लेकर 200 रूपए तक किसानों से ले रहे है। कोई किसान अगर विरोध करता है तो अपनी मुंह बंद कर लेते हैं। लेकिन किसानों को खाते में 2000 रुपए नहीं आने की धमकीं भी दे देते। भोला भाला किसान 200 देकर अपना सम्मान निधि पाने के लिए चुप बैठता है।मड़ियाहूं तहसील के ठाठर गांव के लेखपाल के घुसखोरी का वायरल वीडियो सबूत के तौर पर अधिकारियों के लिए शायद काफी होगा। वीडियो वायरल होने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सका जो हास्यास्पद के सिवा कुछ नहीं है। लेखपाल भी अपनी फोन को बंद कर माद में जा छिपा है।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के जरिये दो हजार रुपये की पहली किस्त किसानों के खाते में जा रहा है। किन्तु इस प्रकिया से गुजरने के लिये किसानों को हल्का लेखपालों के पास जाना पड़ रहा है और लेखपाल धड़ल्ले के साथ किसानों से पैसा वसूली करने से बाज नहीं आ रहे है। वीडियो वायरल होने के बाद भी तहसील प्रशासन मूकदर्शक बनी हुई हैं।बीते दिनों ग्राम सभा ठाठर की दलित बस्ती में वहाँ का हल्का लेखपाल मन्सूर बेग ने हर कास्तकार से किसान सम्मान निधि का धन खाते में डालने के लिये दो-दो सौ रुपये वसूली किया है।स्थानीय ग्रामीणों ने पैसा लेते हुये हल्का लेखपाल का वीडियो भी बनाया और वायरल कर दिया है। मड़ियाहूं तहसील में अगर लेखपालों की कारगुजारी की जांच की जाए तो कमोवेश हर क्षेत्रों में लेखपालों ने पैसा लेकर ही किसानों के खाते में सम्मान निधि का पैसा भेजा है। कुछ ऐसा ही मामला महमूदपुर बड़ेरी और अन्य गाँवों में पैसा मांगने की सीडी बनाकर तत्कालीन उपजिलाधिकारी मड़ियाहूं मोती लाल यादव को दिया गया था पर कोई कार्यवाही नही हुई। जबकि इस कार्य में सिर्फ पासबुक और आधार कार्ड की छायाप्रति उपलब्ध कराना था। कास्तकारी का रिकार्ड भूलेख खतौनी तो लेखपाल के पास ही रहता है। इतना ही नही शिकायत है कि कुछ गांवों में वर्तमान ग्रामप्रधान के प्रभाव में आकर लेखपाल उनके विरोधियों के खाते में धन नहीं भेजा है। जो आज भी तहसील का चक्कर लगा रहे हैं। ठाठर गांव की वायरल वीडियो में गांव की जड़ावती, धर्मा देवी राजेश ने भी स्वीकार किया है कि लेखपाल बिना 200 लिए सम्मान निधि का धन नहीं दिया है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी मड़ियाहूं चन्द्रशेखर ने कहा कि अगर कोई तहरीर देता है तो लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई होगा। बता दें उसी गांव के ही राजू गौतम ने शुक्रवार को लेखपाल की घूसखोरी की तहरीर दिया है। ऐसा लगता है एसडीएम महोदय ने कूड़े के ढेर में फेंक दिया है और तहरीर का पुनः इंतजार कर रहे हैं। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को साकार रूप देने में जिस प्रकार मड़ियाहूं तहसील के लेखपाल बंटाधार कर रहे हैं सरकार को बदनाम करने की पूरी कोशिश है। भाजपा पार्टी के जिला सरकारी योजना प्रमुख जनपद जौनपुर के शमशेर सिंह ने कहा है कि यह भारत देश का किसानों के लिए सबसे बड़ी योजना है अगर इसमें लेखपाल भ्रष्टाचार करते हुए पाया जा रहा है तो मैं इसको निलंबित करवा कर ही दम लूंगा।

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