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कही जौनपुर व मछलीशहर के महागठबंधन के प्रत्याशियों को ओवर कांफिडेंस न ले डूबे, ये जौनपुर की जनता है सब जानती है नेता जी

श्याम सिंह यादव
जौनपुर- कही जौनपुर व मछलीशहर लोकसभा के महागठबंधन के प्रत्याशियों को ओवर कांफिडेंस न ले डूबे क्योकि ये नेता जमीनी स्तर पर न उतरकर एसी कमरो से जातीय समीकरण की जुगत जोड़कर व अपने पार्टी के शीर्ष नेताओं के चरण वंदना व चढ़ावा चढ़ाने के बाद अपने को अभी से अपने जीत के प्रति आश्वस्त है और खुद को मछलीशहर व जौनपुर का सांसद समझने लगे है, अरे साहेब ये सरकारी कुर्सी नही है ये लोकतंत्र है अगर जौनपुर की जनता को अपने प्रति आश्वस्त नही करेंगे तो जनता आपको भी एक सिरे से नकार देगी।वही दूसरी तरफ जौनपुर जिले के सपा के कद्दावर नेता व श्याम सिंह यादव के बीच मन मुटाव  भी महागठबंधन को नुकसान पहुचा सकता है सूत्रों की माने तो सपा सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे महागठबंधन के प्रत्याशी से किसी बात को लेकर काफी मन मुटाव चल रहा है जो यादव वोट बैंक का रुख बदलने में माहिर है क्योंकि उनके अंदर वोटो का रुख बदलने का तजुर्बा भी खूब है,ऐसा ही कुछ हाल मछलीशहर के महागठबंधन के प्रत्याशी का है जो स्थानीय सपा नेताओं के8 अनदेखी भारी पड़ सकती है अब 23 मई ये तय करेगा कि महागठबंधन के अंदर स्थानीय स्तर पर विरोध कही हार का कारण न साबित हो।
       बता दें 2017 के विधानसभा चुनाव में जौनपुर  विधानसभा के कांग्रेस व सपा गठबंधन के प्रत्याशी नदीम जावेद करीब सवा लाख वोटों से जीत मान कर चल रहे थे लेकिन जनता ऐसा सबक सिखाया की दोबारा जौनपुर से लड़ने की हिम्मत तक नही जुटा पाए कुछ वैसा ही हाल टी राम व श्याम सिंह यादव का न हो जाये क्योकि ये दोनों ही नेता जातीय समीकरण के आधार अपने जीत के प्रति आश्वश्त है ये जौनपुर की जनता है साहेब अपने वोट को बिकता हुआ नही देख सकती है अब मतदान का दिन जैसे जैसे करीब आ रहा है वैसे वैसे जौनपुर का चुनावी समीकरण की हवा का रुख बदल रहा है कही इन महागठबंधन के प्रत्याशियों को महंगा न पड़ जाए कि हम तो महागठबंधन के प्रत्याशी है हमे कौन हरा पायेगा।
       इसी गलत फहमी में मौजूदा सांसद डा0 के0पी0सिंह भी है जो अपने ईमानदारी व सादगी को ढाल बना कर वोट की मांग कर रहे है लेकिन जनता विरोध उनको भी झेलना बाद रहा है अगर समय रहते अपने मे सुधार नही आया तो जनता उनके प्रति भी परिवर्तन की बयार बहा सकती है क्योंकि जनता उनसे भी काफी नाराज दिख रही है कि पिछले 5 साल कहा रहे, रहने दीजिए मेरे गांव में आने से हमको वोट करना होगा तो हम कर देंगे जैसे 5 साल नही वैसे चुनाव के समय पर मत आइए हमारे चौखट पर, हम तो मोदी और योगी को देखते हुए वोट कर देंगे।

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