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जौनपुर में भीड़ की तालिबानी सजा देखिये लाइव पिटाई का वीडियो 24UPNEWS.COM पर

.....और ऐसा निकला "बच्चा चोर" का सच।

रिपोर्ट-अखिलेश सिंह।
जौनपुर-अफवाहों में बहने वालों के लिए यह संदेश है कि सही और गलत का अंदाजा लगाने के बाद ही कोई निर्णय लें। अफवाह के चक्कर में कानून को हाथ में न लें। शुक्रवार को जफराबाद थाना क्षेत्र में ,बच्चा चोर के अफवाह में कुछ ऐसी ही घटना घटित हुई। अफवाहों में दो अलग-अलग जगहों पर निर्दोष अर्ध विक्षिप्तों को पीट दिया गया। स्थानीय पुलिस ने जब मामले में तफ्तीश किया तो पता चला कि उक्त दोनों कोई बच्चा चोर नहीं बल्कि विक्षिप्त हैं।
बता दें कि शुक्रवार को अहमदपुर बंधवा गांव के हरिजन बस्ती में एक महिला को बच्चा चोर के अफवाह में ग्रामीणों ने पीट दिया। जान बचाने के चक्कर में वह नदी में कूद गई। कुछ लोगो ने बीच-बचाव कर नदी से बाहर निकाला। सूचना पर एसपी सिटी, क्षेत्राधिकारी तथा जफराबाद थाने की फोर्स मौके पर पहुंच गई। महिला को सुरक्षित थाने पर ले आई। पुलिस ने तफ्तीश किया तो महिला का नाम अमरावती 60 वर्ष निवासी बेला मोहन जनपद सुल्तानपुर की थी। शनिवार को महिला के घर वालों ने बताया कि यह दिमागी रूप से विक्षिप्त है। कई दिनों से घर से गायब थी। इनकी तलाश की जा रही थी। दूसरी घटना उसी दिन शाम को हौज गांव के पास राजेपुर त्रिमुहानी थाना जलालपुर निवासी अनिल कुमार, दिमागी रूप से अर्ध विक्षिप्त को एक छोटी बच्ची के साथ संदिग्ध परिस्थिति में गांव वालों ने बच्चा चोर समझकर पीट दिया।  सूचना पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी ने अनिल तथा उसके साथ बच्ची को थाने ले आये। तफ्तीश किया तो पता चला कि बच्ची का नाम मीना वनवासी 6 वर्ष पुत्री मनोज कुमार। अपने मां आशा देवी के साथ सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के पनहरिया गांव में अपने नाना के यहां रहती है। पिछले कुछ दिनों से अपनी मौसी गीता के साथ ट्रेनों में कबाड़ बटोरने में सहयोग प्रदान करती थी। शुक्रवार को जफराबाद स्टेशन पर मौसी गीता देवी मीना को जफराबाद स्टेशन पर छोड़कर ट्रेन में चली गई। स्टेशन से थोड़ी दूर जफराबाद थाने के पास मेला लगा हुआ था। मीना घूमते हुए मेले में आ गयी। शाम होने लगी तो भृमित होकर जलालपुर की तरफ जा रही एक ऑटो रुका, उसमे बैठ गई। ऑटो में पहले से ही राजेपुर त्रिमुहानी गांव का युवक अनिल तथा कुछ अन्य लोग बैठे हुए थे। घर जाने के लिए अनिल हौज गांव के पास उतरा, मिना भी उसके साथ उतर गई। अंधेरा होने लगा था। अनिल के साथ चलने लगी। दोनों को साथ देख कर गांव वालों को संदेह हुआ। पूछताछ करने लगे। दोनों एक दूसरे के बारे में कुछ नहीं बता पा रहे थे। कड़ाई के साथ पूछताछ करने पर डर के मारे अनिल भागने लगा। गांव वालों ने बच्चा चोर समझकर पीट दिया। पुलिस ने शनिवार को मीना तथा अनिल को परिवार वालों के हाथ सुपुर्द कर दिया। यह है बच्चा चोर का सच।

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