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गांव में घूम रहे छुट्टा जानवरो को आक्रोशित ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल में किया बंद, प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई नोक झोंक

जौनपुर गौराबादशाहपुर थाना अंतर्गत ग्रामीणों ने आज गांव में घूम रहे तमाम छुट्टा पशुओं को प्राइमरी विद्यालय के प्रांगण में बंद कर दिया। जिससे वहां हड़कंप मच गया मामले की जानकारी मिलते ही आनन-फानन में पुलिस और एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर लोगो साथ बात चीत करने प्रयास किया लोग मानने को तैयार नही हो रहे थे और ग्रामीणों के प्रशासन के बीच जमकर नोक झोंक भी हुआ बाद पुलिस बल के साथ पशुओं को गौशाला भेजा गया तब ग्रामीण शांत हुए,छुट्टा पशुओं को बंद करने वाले ग्रामीणों में मनीष मिश्रा का कहना है कि उन लोगों ने गांव की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे छुट्टा पशुओं को  सब लोगो ने  मिलाकर बंद किया है। मौके पर पहुंचे प्रशासन का साफ कहना है कि जो ₹6000 सरकार हम लोगों को दे रही है उसमें हम अपने पशुओं को 1 साल में खिलाए अन्यथा हम खुद जहर खा कर मर जाए। प्रशासन इन पशुओं को रखने की व्यवस्था नहीं बना रही है बल्कि उनके हम लोगों को ही तमाम तरीके से परेशान कर रही है और फसाने की कोशिश कर रही है,गांव के  प्रधान ने बताया कि यह सभी आवारा और छुट्टा पशु है जिनको लाकर गांव के लोगों ने स्कूल बंद किया है मुझे पुलिस द्वारा जानकारी दी गई तब मैं यहां पहुंचा हूं  ये सभी छुट्टा जानवर है ना की किसी घर की जानवर है।
बता दें कि मौके पर पहुचे एसडीएम ने बताया कि जानकारी मिलने पर हम लोग यहां पहुंचे हैं मालूम हुआ है कि ग्रामीणों द्वारा छुट्टा पशुओं को स्कूल में बंद किया गया है जबकि ग्रामीणों से बात करने पर ऐसा प्रतीत होता है कि इसमें छुट्टा पशुओं के अलावा कुछ अन्य तत्वों द्वारा भी अपने घर के पशुओं को लाकर बंद किया गया है ऐसे में स्कूल के अंदर  बंद करना सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुचाने का जुर्म है। साथ ही जिन लोगों ने अपने घर के पशुओं को लाकर हां बंद किया है वह पशु क्रूरता अधिनियम के तहत आता है ऐसे में उन लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी छुट्टा पशुओं को रखने के लिए जिला स्तर से विभिन्न ब्लॉकों में गौशाला ए बनाई गई हैं इन पशुओं को वहां रखा जाएगा लेकिन जिन लोगों ने घर के पशुओं को यहां लाकर बंद किया है यह अपराध है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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