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एसटीएफ की टीम ने अवैध शराब बनाने की फैक्ट्री का किया भंडाफोड़

अम्बेडकर नगर। जनपद के अहिरौली थाना क्षेत्र के जैतपुर सोनावां में बंद पड़ी राइस मिल में एसटीएफ की टीम ने भारी मात्रा में अवैध शराब बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसटीएफ ने मुखबिर की सूचना पर जैतपुर सोनावां के पास स्थित एक राइस मिल में दबिश दी। बताया जाता है कि इस राइस मिल में काफी दिनों से बड़े पैमाने पर अवैध शराब बनाने का धंधा चल रहा था। एसटीएफ ने राइस मिल से 1400 पेटी नकली शराब, 100 ड्रम केमिकल, शराब के विभिन्न ब्रांडों के रैपर, बोतल, होलोग्राम पैकिंग रैपर, गत्ते और प्यूरीफायर सिलेंडर मशीन समेत भारी मात्रा में शराब बनाने की सामग्री बरामद की है। साथ ही अंतरप्रान्तीय गिरोह से जुड़े चार लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से रिवाल्वर, स्कार्पियो गाड़ी, होंडा सिटी कार और दो बाइक बरामद हुई है।

सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत

अम्बेडकरनगर। जनपद के सम्मनपुर थाना क्षेत्र के सावित्री बाई फुले राजकीय बालिका इंटर कालेज कुर्की बाजार, के समीप सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत हो गयी है। इस ह्रदय विदारक घटना से पूरे क्षेत्र में हडकंप मच गयी है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तेज रफ़्तार से आ रही स्कार्पियो और ट्राली की भिड़ंत में एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत हो गयी है। इस ह्रदय विदारक घटना से पूरे क्षेत्र में हडकंप मच गयी है। सूचना मिलते ही मौके से पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में कर पोस्टमार्टम हेतु भेजकर आवश्यक कार्यवाही में जुट गयी है।

अम्बेडकरनगर में धड़ल्ले से हो रही है नकली व मिलावटी खाद्य तेलों की बिक्री


भूपेंद्र सिंह गर्गवंशी
अम्बेडकरनगर। जिला मुख्यालयी शहर अकबरपुरध्शहजादपुर से लेकर जिले के सभी तहसील क्षेत्रों में स्थित विभिन्न छोटी.बड़ी बाजारों में बड़े पैमाने पर नकली सरसो का तेलए रिफाइण्ड ऑयलए वनस्पति ऑयल बनाने व बिक्री किए जाने का धन्धा जोरों पर चल रहा है। इस धन्धे से जुड़े लोग जहाँ खुद मालामाल हो रहे हैं वहीं उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैंए परिणामतः लोग तरह.तरह की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा समय.समय पर छापेमारी की जाती हैए जाँच के लिए नमूने भी एकत्र किए जाते हैंए लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिफर। विभाग द्वारा खानापूर्ति करके अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली जाती हैए जिससे मिलावटी व डुप्लीकेट तेल बनाने व बिक्री का धन्धा बदस्तूर जारी है। जिले की लगभग सभीं पाँचों तहसीलों में स्थित विभिन्न बाजारों में यह धन्धा निर्बाध चल रहा है। नकली तथा मिलावटी सरसोए रिफाइण्ड व वनस्पति तेलों के निर्माण तथा बिक्री का धन्धा यहाँ काफी दिनों से फल.फूल रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग की लचर कार्यप्रणाली एवं खाऊध्कमाऊ नीति के चलते इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
डुप्लीकेट व मिलावटी तेल बनाने व बेचने के बारे में पता चला है कि इसके कारोबारी कानपुर,गोरखपुर, वाराणसी आदि शहरों से व्हाइट ऑयल , भूसी का तेल, लाकर उनको टैंकरों में एकत्र करके रख लेते हैं,और इसी में केमिकल व सेंट मिलाकर नकली सरसो का तेल व रिफाइण्ड ऑयल तैयार करते है फिर उसे ब्राण्डेड कम्पनियों जैसे फार्चूनए बैल कोल्हूए लालमीनाए बुलेटए सुन्दरीए कच्ची घानीए फार्चून आदि के डिब्बे व टीन में भरकर उस पर सीलए मुहर लगाकर पैक कर जनपद के अलावा निकटवर्ती जिलों में सप्लाई करते हैं।
नकली सरसो व रिफाइण्ड तेल में सब्जी आदि बनाते समय कड़ाही में झाग भर जाता और सब्जी खाने में कड़वी व बेस्वाद लगती है। इन नकली व मिलावटी तेलों का इस्तेमाल जाने.अनजाने सभी लोग कर रहे हैं। यह तेल लोगों के शरीर में धीमा जहर का काम कर रहा है। लोग तरह.तरह के रोगों का शिकार हो रहे हैं। इस तरह के तेलों का उपयोग करने वाले लोग आंतए त्वचा हृदय सम्बन्धी अनेकानेक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
www.upnews.com ब्यूरो

पक्षी बिहार के बजाए अवैध शराब उत्पादन का केन्द्र बनी अम्बेडकरनगर की दरबन झील

भूपेंद्र सिंह गर्गवंशी
अम्बेडकर - उत्तर प्रदेश के मानचित्र में स्थित दरबन झील को पक्षी बिहार बनाने का सपना आज भी सपना ही बना हुआ है। अम्बेडकरनगर जिले के कटेहरी विकास खण्ड क्षेत्र में स्थित यह झील भारत की प्रमुख झीलों में शुमार है। दरबन झील को पक्षी बिहार बनाने के सम्बन्ध में कई बार आवाजें उठींए यहाँ तक पिछली बसपा सरकार ने तैयारी भी की थी लेकिन तब तक प्रदेश की सत्ता परिवर्तित हो गई परिणामतः यह योजना ठण्डे बस्ते में चली गई। अम्बेडकरनगर जनपद में तीन.तीन प्रभावशाली मंत्री और सभीं पाँचो विधान सभाओं पर सपा का कब्जा है बावजूद इसकेे दरबन झील की तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि प्रति वर्ष जाडे़ के मौसम में साइबेरियाए दक्षिण अफ्रीकाए रूसए चेचेन्या आदि दूर देशों से चल कर हजारों की संख्या में पक्षी मेहमान इस झील को अपना आशियाना बनाकर यहाँ जाडे़ भर प्रवास करते हैं और मौसम बदलने पर अपने वतन को वापस लौट जाते हैं। इन मेहमान पक्षियों की हिफाजत की कोई व्यवस्था न होने के कारण ये मेहमान पक्षी जहाँ चहचहाते हुए आकर इस झील को शोभायमान करते हैंए वहीं इनमें से कुछ तो अराजक शिकारियों के हाथों मौत के घाट भी उतार दिये जाते हैं। दरबन झील मछलीए कमल का फूल, भषीण आदि तमाम प्राकृतिक सम्पदा से परिपूर्ण होने के कारण इसके कब्जे व दबदबे को लेकर कई गुटों में संघर्ष भी होता रहता है। यही नहीं अम्बेडकरनगर जिले में अवैध शराब कारोबारियों के लिए सबसे उपयुक्त जगह दरबन झील का कछार है। यहाँ हमेशा शराब की भट्ठियाँ दहकती रहती हैं। झील से सम्बद्ध नाले की सफाई न होने के कारण बरसात के दिनों मे ये झील रौद्र रूप धारण कर कई गावों व घरों को अपने आगोश में ले लेती हैए जिससे जानमाल सहित बड़ी तादात में फसलों को भी नुकसान पहुंचता है और किसानों को अपूर्णनीय क्षति होती है।
बसपा सरकार में दरबन झील को पक्षी बिहार बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्रयास किया गया थाए लेकिन सपा सरकार आने के बाद माननीयों द्वारा सिर्फ आश्वासन ही दिया गयाए किया कुछ भी नहीं गया। पहले भी दरबन झील को पक्षी बिहार बनाने की मांग कई बार उठी लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार के कान पर जूँ तक नहीं रेंगी। आलम यह है कि दरबन झील के अगल.बगल किनारे वाले स्थानों ;कछारद्ध पर देशी शराब की भट्ठियाँ दहकती रहती हैं। अवैध रूप से मछली एवं पक्षियों का शिकार किया जाता है, इसके अलावा अन्य प्रकार के जरायम से जुड़े लोगों के लिए भी यह झील काफी मुफीद जगह साबित हो रही है। भूमाफियाओं, अवैध कब्जेदारों द्वारा दबंगई के बल बूते पर इस झील का अतिक्रमण भी किया जा रहा है।