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जौनपुर - बीजेपी के लिए जौनपुर से चुनाव का आगाज करना शुभ है-सतीश कुमार सिंह 24UPNEWS.COM पर

पोषण पुनर्वास केंद्र ने बदली कई कुपोषित बच्चों की ज़िंदगी

मऊ – जिला अस्पताल मऊ में स्थापित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की शुरुआत 26 अप्रैल 2016 को गयी थी, जिसमें 10 बेड की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी। एनआरसी में अभी तक 410 बच्चों को भर्ती कर ठीक किया जा चुका है जिसमें लडकियों की संख्या 222 एवं लड़को की संख्या 194 है। इस केंद्र में 5 वर्ष से कम बच्चों को 15 दिन भर्ती करके ठीक किया जाता है, जिससे बच्चा सामान्य जीवन जी सके। उसके बाद ठीक हुए बच्चों का स्टाफ द्वारा समय-समय पर फॉलोअप भी किया जाता है। केंद्र के लगातार प्रयास से जिले में कुपोषण की दर में कमी लायी जा रही है| 
परदहा ब्लॉक के बरलाई गाँव के रहने वाले एजाज अहमद के घर जब एक पुत्र (युसूफ) का आगमन हुआ तो उसका बहुत कम वजन था| जन्म के समय उसका वजन पौने दो किलोग्राम था जिसकी वजह से वह आए दिन बीमार रहता था। इसके बाद पिता ने युसूफ को जिला महिला अस्पताल में मौजूद सिक न्यूबोर्न केयर यूनिट में भर्ती किया, उसकी हालत में सुधार देख अस्पताल से छुट्टी कर दी गयी| लेकिन जैसे-जैसे वह बड़ा होता गया, उसके वजन में कोई सुधार नहीं हुआ। 
आंगनबाड़ी मंजू तिवारी द्वारा गृह भ्रमण दौरान 5 वर्ष से नीचे के बच्चों का वजन करते समय उनकी नज़र युसूफ पर गयी जब उन्होंने उसका वजन और उम्र पता किया तो पता चला कि युसूफ कुपोषण का शिकार हो चुका है| उस समय युसूफ लगभग दो साल का था| इसके बाद मुख्य सेविका ललिता कुशवाहा ने उसके परिवार से मुलाकात कर पोषण पुनर्वास केंद्र पर ले जाने के लिये प्रेरित किया लेकिन युसूफ के माता-पिता ने सरकारी पोषण पुनर्वास केंद्र में ले जाने से मना कर दिया। युसूफ के पिता की आर्थिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है, जिससे उसको किसी बड़े अस्पताल में इलाज के लिए ले जा सके। 
लेकिन मुख्य सेविका ललिता ने एजाज और उसकी पत्नी जुबैदा ख़ातून को समझाया कि बच्चे को भर्ती करने एवं उसके इलाज में एक भी पैसा नहीं लगेगा, बल्कि 50 रुपए के हिसाब से रुपए भी प्रतिदिन मिलेगा और साथ-साथ माँ या परिवार का कोई एक सदस्य जो बच्चे के साथ रुकता है, उसको भी खाना मुफ्त में मिलेगा। 
इसके बाद एजाज ने अपने पुत्र को एनआरसी में इलाज के लिए भर्ती करा दिया, भर्ती होने के समय युसूफ का वजन 5 किलोग्राम था| 14 दिन भर्ती रहने के बाद जब उसकी छुट्टी हुई तब उसका 5 किग्रा से बढ़कर 5.520 किग्राग्राम हो गया। इस तरह युसूफ की स्थिति में सुधार को देख एजाज को और उसके परिवार को बहुत ख़ुशी मिली| युसूफ की माँ का कहना है कि उनको जब भी कोई बच्चा कम वजन या कुपोषित मिलता है तो उसको सीधे वह एनआरसी के पुनर्वास केंद्र ले जाने के लिये कहती हैं। 
पूजा, नेयुट्रिसीयन बताती हैं कि पोषण पुनर्वास केन्द्र एक ऐसी सुविधा है, जहां 5 वर्ष से कम व गंभीर रूप से कुपोषित बच्चे, जिनमें चिकित्सीय जटिलताएँ होती हैं, चिकित्सकीय व पोषण सुविधायें मुफ्त में प्रदान की जाती हैं। इसके अलावा बच्चों के माताओं को बच्चों के समग्र विकास हेतु आवश्यक देखभाल तथा खानपान संबन्धित कौशल का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इसके साथ ही  बच्चों को मीनू के हिसाब से हरी सब्जी, दाल, दलिया आदि का मिश्रण तैयारकर अर्धठोस आहार के रूप में दिया जाता है। 
एनआरसी सेंटर के नोडल आफिसर डॉ. एम. पी. सिंह ने बताया कि कुपोषित बच्चों के साथ-साथ उसके परिवार का एक व्यक्ति साथ रह सकता है, रहने वाली माता को 50 रूपये प्रति दिन बैंक खाते में दिया जाता है| बच्चों को खेलने के लिये खूबसूरत कलरफुल किड्स प्लेयिग़ हॉल है जिससे बच्चों को हँसता-खेलता वातावरण मिल सके।

मुख्तार और डीपी यादव ने कराई बजरंगी की हत्या ।।

ये मुख्तार की ही तरीका है हत्या करा के दूसरे को फंसाने का...!
मऊ ।। मुन्ना बजरंगी की हत्या मुख्तार अंसारी ने कराई यह दावा कोई और नहीं बल्कि उनके प्रबल प्रतिद्वंदी अशोक सिंह द्वारा किया गया अशोक सिंह ने बताया कि मुख्तार अंसारी हमेशा उन लोगों को मरवा देता है जो उनके लिए काम करते हैं और फिर अपने अलग कार्य करने लगते हैं जैसा कि विगत दिनों मुन्ना बजरंगी की महत्व राजनीतिक महत्वकांक्षा जाग गई थी और वह अपने पत्नी समेत अपने परिवार को राजनीति में उतार दिया था और खुद भी विधानसभा का चुनाव लड़ा था और दूसरी तरफ बनारस से लेकर बलिया तक उसने मुख्तार अंसारी के सभी ठेकों पर एन केन प्रकारेण हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया था जैसा कि गाजीपुर में ही रोडवेज की बिल्डिंग का ठेका मुन्ना बजरंगी और उसके सहयोगियों ने लेकर करवाना शुरू कर दिया था जिससे कि मुख्तार अंसारी के नाक के नीचे ही मुन्ना की पहुंच हो चली थी और राजनीति में आ जाने के बाद यह दर्द और भी बढ़ गया था कि कहीं मुन्ना बजरंगी अपनी महत्वाकांक्षा के चलते उनके विरोधियों से ना मिल जाए जिससे कि उन्हें सजा भी हो सकती थी ऐसे में उन्होंने कृष्णानंद राय हत्याकांड के इस आरोपी को जिस की गवाही भी होनी थी और शायद गवाही इनके खिलाफ हो जाए तो इस से अच्छा है कि नमुना रहेगा न गवाही करेगा इसी तर्ज पर इन्होंने इस घटना को अंजाम दिलवा दिया और आने वाले समय में शत प्रतिशत पूरा मामला यही होकर निकलेगा ।।
 अशोक सिंह (मुख्तार के प्रतिद्वंदी) 
मोबाईल - 9415219019

सुकमा हमले में यूपी के मऊ जनपद के धर्मेंद्र यादव हुए शहीद

मऊ-सुकमा हमले में 9 शहीदों में एक यूपी के मऊ जिले का भी जवान हुवा शहीद। 
शहीद धर्मेंद्र यादव (30 )पुत्र खेदन यादव 
घर का नाम बबलू यादव, 
बता दें कि शहीद धर्मेंद्र के तीन बच्चे है। विकाश यादव (11),संध्या (8),सोनम (5) 
इलाहाबाद फाफामऊ crpf कालोनी में रहकर पढ़ाई करते है। दो भाई महेंद्र, जितेन्द्र 
माता प्रभावती देवी व पिता घर पर रहते है। 
शहीद होने की खबर मिलते ही गांव में फैला शोक की लहर ।
चिरैयाकोट थानां के भेड़ियाधर गांव का रहने वाला है।

अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से छात्र की मौत

मऊ। जनपद के मुहम्मदाबाद मार्ग पर टाउन इंटर कॉलेज में पढ़ने जा रहे थे छात्र की अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गयी। इस घटना से पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया। 
घटना से आक्रोशित भीड़ ने बलिया-लखनऊ हाइवे जाम कर आवागमन बाधित कर दिया।
आक्रोशित छात्रों ने ट्रक में आग लगा दिया, साथ ही पुलिस के ऊपर पथराव कर दिया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची भारी पुलिस बल मामले को सुलझाने के प्रयास में जुट गयी है।

मंडी जिले में हुए हादसे में तीन परिवारों के 12 लोगों की मौत

मऊ। हिमाचल के मंडी जिले में हुए हादसे में जनपद के तीन परिवारों के लोगों के 12 सदस्यों की मौत हो जाने का मामला प्रकाश में आया है। 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार  इसमें एक परिवार मऊ के थाना सरायलखंसी के अंतर्गत राणा प्रताप सिंह (35 वर्ष) उनकी पत्नी मधु सिंह (30 वर्ष) उनकी बेटी (13 वर्ष) तेजस्वी पुत्र (10 वर्ष) लक्ष्मी (5 वर्ष) की मौत हो गई। वही दूसरा परिवार सूर्यदेव सिंह उनकी पत्नी संगीता बेटा सत्यप्रकाश बेटी अनुष्का तथा तीसरा परिवार वंदना (ये सत्यप्रकाश की बहन) इनकी बेटी तनु और बेटा अंश शामिल हैं।
यह परिवार बीते 2 अगस्त को मऊ से वैष्णो देवी के दर्शन के लिए निकले थे यह अमृतसर होते हुए 6 अगस्त को वैष्णो देवी के दर्शन करने के बाद मनाली घूमने चले गए थे और बीते शनिवार को रास्ते में उनकी बस भूस्खलन के चपेट में आ गई और कल दोपहर के बाद वहां से सूचना मिली कि उनके परिवार के साथ यह हादसा हुआ है यह सूचना एक एनडीआरएफ के जवान ने राणाप्रताप के मोबाइल से उनके बड़े भाई रवि को दिया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। 
राणा प्रताप का परिवार जिले का एक मानिंद परिवार है और राणा प्रताप एक वर्ड ठेकेदार है। इस ह्रदय विदारक घटना की सूचना पढ़ने के बाद लोगों के मिलने का ताता से लग गया है।

रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध हालत में मिली युवती ,जिला अस्पताल में भर्ती


मऊ। जनपद के रेलवे स्टेशन पर अर्द्ध बेहोशी की हालत में एक बालिका को गिरते पड़ते मऊ स्टेशन पर  देख कुछ लोगों ने उसे जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया।
सूत्रों की माने तो वह मेले में घूमने आई थी | वहां कुछ औरतों ने उसे पानी में डालकर कुछ पिला दिया जिसके बाद उसे कुछ भी नहीं मालूम कि वह कहां जा रही है और किसके साथ जा रही है |
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जब ट्रेन स्टेशन पर रुकी तो वह गिरते पड़ते हालत में नीचे उतरी वहीं यात्रियों ने उसकी संदिग्ध हालत को देखा तो कोई उसके साथ नहीं मिला |लोगों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के कुछ समय के बाद उसने अपने घर का नाम पता और मोबाइल नंबर बताया जिस पर लोगों ने फोन कर उनके परिजनों को बुलाया। बालिका बलिया जिला के नरही गाँव की रहने वाली बताई जा रही है |

राहुल गांधी ने किया दलित के घर भोजन

मऊ। काग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी 27 साल यूपी बेहाल किसान यात्रा को लेकर बुनकरों की नगरी मऊ जनपद में पहुच गए हैं। आजमगढ जिलें के बाद मऊ जनपद की सीमा में घुसतें ही राहुल गांधी और गुलाम नवी आजाद का काग्रेसी कार्यकत्राओं द्वारा जगह जगह पर स्वागत किया गया। 
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेसियों ने राहुल गांधी को फूल माला पहना कर उनका और उनकी य़ात्रा का स्वागत किया हैं। साथ ही राहुल गांधी का दिदार करने के लिए सैंकङों की सख्या में सङक पर भारी भीङ भी उपस्थित रही। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने कई स्थानों पर छोटी मोटी सभाओं का रोड शो के माध्यम से संबोधन भी किया। इसके अलावा राहुल गांघी ने बङागांव के दलित बस्ती में जाकर स्वामीनाथ के घर बाटी चोखा भी खाया हैं। जिसपर दलित परिवार के स्वामीनाथ ने कहा कि हमारे घर राहुल गांधी हमारे घर भगवान का रुप बनकर आये आए थे और बाटी चोखा भी खाये जिससे हमें खुशी मिली हैं। 
राहुल गांधी ने इसके अलावा बुनकरों, किसानों और मजदूरों सहित जनपद की जनता से मिले और उनका हाल जाने।