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चिकनपॉक्स की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल की कार्रवाई

मऊ- रानीपुर ब्लॉक के अमारी गांव में कई लोगों में चिकनपॉक्स के लक्षण पाये जाने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल मौके पर पहुंचर लोगों का इलाज शुरू कर दिया है। मरीजों के पहचान राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत गृह भ्रमण के दौरान हुई थी। 
रानीपुर ब्लॉक की बीसीपीएम हुमैरा ने बताया कि अमारी गांव में उनकी आशा माला जो घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल करती हैं, को पता चला कि अमारी गांव के कई लोगों में चिकनपॉक्स के लक्षण दिखाई दिये जिसकी सूचना ब्लॉक को दी। इसके बाद प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. योगेश गौतम, स्वास्थ्य प्रर्वेक्षक जय श्री यादव, बीएसडब्लू मंगल सेन, बीएमसी बीडी भारती ने पहुंचकर बच्चों समेत सभी की जांच की। 16 लोग इस रोग से ग्रसित पाये गये उन्हें उचित परामर्श और जांच के साथ निःशुल्क दवा दी गयी।
सीएमओ डा॰ सतीशचन्द्र सिंह ने बताया कि मौसम बदलने के साथ वायरल बीमारी का प्रकोप बढ़ जाता है। चेचक या चिकनपॉक्स ‘वेरीसेला जोस्टर’ नामक वायरस के कारण फैलता है। इस विषाणु के शिकार लोगों के पूरे शरीर में फुंसियों जैसी लाल-लाल चक्तियां हो जाती हैं। इसका कोई विशेष टीकाकरण अभी तक मौजूद नहीं है। चिकनपॉक्स यह काफी पीड़ादायक रोग है। एक बार होने पर इसका असर सात दिनों तक काफी तीव्र रहता है। इससे अन्य लोगों के भी संक्रमित होने की आशंका रहती है। मरीज को आइसोलेशन में रखना चाहिए। 
सीएमओ ने बताया कि इसका टीकाकरण बच्चों में होता है लेकिन कभी-कभी उसके बाद भी यह रोग होने की आशंका रहती है। साफ-सफाई के अभाव में इस बीमारी फैलने की आशंका रहती है। थोड़ी सी सावधानी से इन बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। रोगी के पास अच्छे से साफ-सफाई रखें, जिससे संक्रमण बढ़ने न पाएं। हवा और खांसी के माध्यम से संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के शरीर तक पहुंच जाता है।
कैसे फैलता है चिकनपॉक्स
चिकनपॉक्स गर्भावस्था, प्रसव या देखभाल के दौरान माँ से बच्चें को, खांसते या छिकतें समय हवा के साथ निकलने वाली छोटी -छोटी बूदों से त्वचा से संपर्क होने पर (हाथ मिलाना या गले लगना), मुहं की लार से (जूठा खाने-पीने से), किसी गंदी या मैली सतह को छुने से यह फैलता है। इसके फैलने पर चिकनपॉक्स ग्रसित व्यक्ति को आराम करने दें। उसे अन्य सदस्यों से दूर अलग साफ़-सुथरे  कमरे में ठहराएं ताकि दूसरे लोग ग्रसित न हो सकें। शरीर में पड़ें दानों को फोड़ना नहीं चाहिए। उन्हें स्वयं ही फूटने का इंतजार करें। ग्रसित व्यक्ति के बेड की चादर को साफ़ सुथरा रखें, हो सके तो रोजाना धुलें। साफ़ स्वच्छ धुले हुए कपडें ही पहनाएं। प्रशिक्षित चिकित्सक से ही सलाह व इलाज लें।
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अब आपकी “आशा” करेगीं रोगों की पहचान*

सूचित करेगीं स्वास्थ्य विभाग को, होगा निःशुल्क इलाज़
मऊ-राष्ट्रीय स्वाथ्य मिशन के अंतर्गत गैर संचारी रोगों जैसे कैंसर, हृदयरोग, ब्लडप्रेशर, डायबिटीज़ आदि की रोकथाम हेतु रानीपुर सामुदायिक केंद्र में आशा कार्यकर्ताओं के जनपद के प्रथम बैच के प्रशिक्षण की शुरुआत सीएमओ डॉ. सतीशचन्द्र सिंह द्वारा की गयी। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण सत्र में खुरहट, पालिगढ़, सरसेना, मिर्जापुर, चिरैयाकोट की आशा कार्यकर्ताओं को गैर संचारी रोगों को पहचानने के गुर सिखाये जाएंगे। 
           इस संदर्भ में डीसीपीएम संतोष सिंह ने कहा कि 30 वर्ष से ऊपर के अधिकांश लोंगो को गैर संचारी रोगों की पहचान नहीं हो पाती है। ऐसे ही रोगों की पहचान के लिए आशाओ को प्रशिक्षित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र सभी आशा अपने-अपने क्षेत्रों के ऐसे परिवारों का चयन करेंगी, जिनमें 30 वर्ष या उससे ऊपर आयु वर्ग के महिला और पुरुष रहते हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित कर आशा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर  इनकी जाँच कराएंगी। जाँच में ऐसे रोगी जो गैर संचारी रोग से ग्रसित पाए जाएंगे उनका नि:शुल्क उपचार स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू होगा। साथ ही सभी मरीजों का स्टेटस आनलाइन रिकार्ड दर्ज रहेगा।
           गैर संचारी रोगों के बारे में बताते हुए प्रशिक्षक डॉ. ओपी सिंह ने कहा कि सामान्य भाषा में ऐसा रोग जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है गैर संचारी रोग कहलाता है। ऐसे गैर संचारी पांच रोगों की पहचान और रोकथाम के लिए आशाएं काम करेंगी। इन रोगों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, बच्चेदानी के मुंह का कैंसर शामिल है। ये सभी रोग खान-पान तथा रहन सहन के स्तर पर निर्धारित होते हैं।
           इस अवसर पर बीसीपीएम हूमेरा ख़ातून, प्रशिक्षक सत्येन्द्र सिंह, स्वाथ्य शिक्षा अधिकारी समेत आशा सुनीता, कमला देवी, सुशील यादव, रीना सिंह, अनुराधा सिंह, सरोज, निशा एवं अन्य आशा कार्यकर्त्ता मौजूद रहीं।
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हीट वेव, वेक्टर वार्न डिजीज, बाढ़, पर चिकित्सा सचिव ने की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

मऊ- उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव चिकित्सा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्साधिकारी एवं अन्य अधिकारियों के साथ गत दिवस देरी संध्या को बैठक की गयी।
          सीएमओ डॉ. सतीशचन्द्र सिंह ने बताया कि आज उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य निदेशक के निर्देशानुसार प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव ने जिले के सभी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात की और जनपद में चल रहे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्था पर जानकारी ली। साथ ही आगामी माह जुलाई के मद्देनजर वेक्टर वार्न डिसीज और बाढ़ के लिये अभी से तैयारी शुरू कर लेने का निर्देश दिया है, इस समय हीट वेव से होने वाले रोगों और उससे प्रभावितों को जल्द से जल्द जरूरी चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिये निर्देशित किया है।
          सीएमओ ने आगे बताया कि 10 जून से 22 जून को चलने वाला संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़ा अब 1 जुलाई से 31 जुलाई तक चलाया जायेगा। स्वास्थ्य विभाग सचिव ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के सीएचसी/पीएचसी अस्पतालों के अन्य विभागीय डॉक्टरों को विशेष सतर्कता बरतने और बाढ़ के दौरान क्षेत्रों में बीमारियां फैलने और उनसे निपटने के लिये पूरी तरह तैयार रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में साफ पानी के लिए क्लोरीन की गोलियां और अन्य आवश्यक दवाओं की उपलब्धता अभी से सुनिश्चित करने को कहा गया है। बाढ़ के दौरान और बाद में सबसे ज्यादा खतरा सांप के काटने का खतरा रहता है। इसलिये निर्देश दिया गया है कि प्रभावित क्षेत्रों में इससे संबंधी दवाएं उपलब्ध रखी जाये और अभी उन क्षेत्र को चिन्हित कर लिया जाये।
          इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, नोडल अधिकारी, जिला मलेरिया निरीक्षक समेत अन्य लोग मौजूद रहे। 

जिले में संक्रामक रोग कंट्रोल यूनिट की स्थापना की गई

मऊ-मौसम को देखते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में हुयी बैठक में सीएमओ डॉ सतीश चन्द्र सिंह ने चिकित्साधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि जनपद में किसी भी स्थान पर किसी भी व्यक्ति के संक्रामक रोग की चपेट में आने से संबन्धित सूचना प्राप्त होते ही त्वरित निरोधात्मक कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत कर समीक्षा भी सुनिश्चित करें।
             सीएमओ डॉ0 सतीश चंद्र सिंह ने कहा कि मौसम को देखते हुए जिले में तीन टीमों का गठन किया गया हैद्य इन टीमों में चार सदस्य स्वाथ्य विभाग की ओर से शामिल किए गए हैं। ये टीमें किसी भी संक्रामक रोग की जानकारी होने पर कंट्रोल यूनिट द्वारा सभी को सूचित करने का काम करेगी और इसके पश्चात टीमें तुरंत मौके पर पहुँचकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराएगी।  
             उन्होने बताया कि इसके लिए सभी मेडिकल स्टाफ और फार्मासिस्ट आपस में सामंजस्य स्थापित करके कार्य करेंगेद्य इन सभी कार्यों के लिए रविशंकर ओझाए एपीडीमियोलॉजिस्टए आई०डी०एस०पी० विभाग को संक्रामक रोग कंट्रोल यूनिट का प्रभारी बनाया गया हैद्य कंट्रोल यूनिट प्रभारी सभी तीनों यूनिट के सदस्यों को निर्देशित करने का कार्य करेंगेए यूनिट के सभी लोग 24 घंटे जिले के मुख्यालय पर ही निवास करेगें सूचना मिलने पर कार्यवाई करेगेंद्य
             इन सभी यूनिट के कार्य समय अलग.अलग तय किए गए हैं। पहली यूनिट सुबह 8 बजे से अपराह्न् 2 बजे तकए दूसरी यूनिट अपराह्न् 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक एवं रात्रि 10 बजे से सुबह 8 बजे तक तीसरी यूनिट कार्य करेगीद्य
             इस बैठक में तीनों यूनिट के डॉण् ओम प्रकाश सिंहए डॉण् रामाश्रय सिंहए डॉण् अरविंद कुमारए डॉण् देवेंद्र चौधरीए डॉण् महेंद्र कुमार यादव एवं स्वाथ्य विभाग अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

पोषण पुनर्वास केंद्र ने बदली कई कुपोषित बच्चों की ज़िंदगी

मऊ – जिला अस्पताल मऊ में स्थापित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की शुरुआत 26 अप्रैल 2016 को गयी थी, जिसमें 10 बेड की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी। एनआरसी में अभी तक 410 बच्चों को भर्ती कर ठीक किया जा चुका है जिसमें लडकियों की संख्या 222 एवं लड़को की संख्या 194 है। इस केंद्र में 5 वर्ष से कम बच्चों को 15 दिन भर्ती करके ठीक किया जाता है, जिससे बच्चा सामान्य जीवन जी सके। उसके बाद ठीक हुए बच्चों का स्टाफ द्वारा समय-समय पर फॉलोअप भी किया जाता है। केंद्र के लगातार प्रयास से जिले में कुपोषण की दर में कमी लायी जा रही है| 
परदहा ब्लॉक के बरलाई गाँव के रहने वाले एजाज अहमद के घर जब एक पुत्र (युसूफ) का आगमन हुआ तो उसका बहुत कम वजन था| जन्म के समय उसका वजन पौने दो किलोग्राम था जिसकी वजह से वह आए दिन बीमार रहता था। इसके बाद पिता ने युसूफ को जिला महिला अस्पताल में मौजूद सिक न्यूबोर्न केयर यूनिट में भर्ती किया, उसकी हालत में सुधार देख अस्पताल से छुट्टी कर दी गयी| लेकिन जैसे-जैसे वह बड़ा होता गया, उसके वजन में कोई सुधार नहीं हुआ। 
आंगनबाड़ी मंजू तिवारी द्वारा गृह भ्रमण दौरान 5 वर्ष से नीचे के बच्चों का वजन करते समय उनकी नज़र युसूफ पर गयी जब उन्होंने उसका वजन और उम्र पता किया तो पता चला कि युसूफ कुपोषण का शिकार हो चुका है| उस समय युसूफ लगभग दो साल का था| इसके बाद मुख्य सेविका ललिता कुशवाहा ने उसके परिवार से मुलाकात कर पोषण पुनर्वास केंद्र पर ले जाने के लिये प्रेरित किया लेकिन युसूफ के माता-पिता ने सरकारी पोषण पुनर्वास केंद्र में ले जाने से मना कर दिया। युसूफ के पिता की आर्थिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है, जिससे उसको किसी बड़े अस्पताल में इलाज के लिए ले जा सके। 
लेकिन मुख्य सेविका ललिता ने एजाज और उसकी पत्नी जुबैदा ख़ातून को समझाया कि बच्चे को भर्ती करने एवं उसके इलाज में एक भी पैसा नहीं लगेगा, बल्कि 50 रुपए के हिसाब से रुपए भी प्रतिदिन मिलेगा और साथ-साथ माँ या परिवार का कोई एक सदस्य जो बच्चे के साथ रुकता है, उसको भी खाना मुफ्त में मिलेगा। 
इसके बाद एजाज ने अपने पुत्र को एनआरसी में इलाज के लिए भर्ती करा दिया, भर्ती होने के समय युसूफ का वजन 5 किलोग्राम था| 14 दिन भर्ती रहने के बाद जब उसकी छुट्टी हुई तब उसका 5 किग्रा से बढ़कर 5.520 किग्राग्राम हो गया। इस तरह युसूफ की स्थिति में सुधार को देख एजाज को और उसके परिवार को बहुत ख़ुशी मिली| युसूफ की माँ का कहना है कि उनको जब भी कोई बच्चा कम वजन या कुपोषित मिलता है तो उसको सीधे वह एनआरसी के पुनर्वास केंद्र ले जाने के लिये कहती हैं। 
पूजा, नेयुट्रिसीयन बताती हैं कि पोषण पुनर्वास केन्द्र एक ऐसी सुविधा है, जहां 5 वर्ष से कम व गंभीर रूप से कुपोषित बच्चे, जिनमें चिकित्सीय जटिलताएँ होती हैं, चिकित्सकीय व पोषण सुविधायें मुफ्त में प्रदान की जाती हैं। इसके अलावा बच्चों के माताओं को बच्चों के समग्र विकास हेतु आवश्यक देखभाल तथा खानपान संबन्धित कौशल का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इसके साथ ही  बच्चों को मीनू के हिसाब से हरी सब्जी, दाल, दलिया आदि का मिश्रण तैयारकर अर्धठोस आहार के रूप में दिया जाता है। 
एनआरसी सेंटर के नोडल आफिसर डॉ. एम. पी. सिंह ने बताया कि कुपोषित बच्चों के साथ-साथ उसके परिवार का एक व्यक्ति साथ रह सकता है, रहने वाली माता को 50 रूपये प्रति दिन बैंक खाते में दिया जाता है| बच्चों को खेलने के लिये खूबसूरत कलरफुल किड्स प्लेयिग़ हॉल है जिससे बच्चों को हँसता-खेलता वातावरण मिल सके।

मुख्तार और डीपी यादव ने कराई बजरंगी की हत्या ।।

ये मुख्तार की ही तरीका है हत्या करा के दूसरे को फंसाने का...!
मऊ ।। मुन्ना बजरंगी की हत्या मुख्तार अंसारी ने कराई यह दावा कोई और नहीं बल्कि उनके प्रबल प्रतिद्वंदी अशोक सिंह द्वारा किया गया अशोक सिंह ने बताया कि मुख्तार अंसारी हमेशा उन लोगों को मरवा देता है जो उनके लिए काम करते हैं और फिर अपने अलग कार्य करने लगते हैं जैसा कि विगत दिनों मुन्ना बजरंगी की महत्व राजनीतिक महत्वकांक्षा जाग गई थी और वह अपने पत्नी समेत अपने परिवार को राजनीति में उतार दिया था और खुद भी विधानसभा का चुनाव लड़ा था और दूसरी तरफ बनारस से लेकर बलिया तक उसने मुख्तार अंसारी के सभी ठेकों पर एन केन प्रकारेण हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया था जैसा कि गाजीपुर में ही रोडवेज की बिल्डिंग का ठेका मुन्ना बजरंगी और उसके सहयोगियों ने लेकर करवाना शुरू कर दिया था जिससे कि मुख्तार अंसारी के नाक के नीचे ही मुन्ना की पहुंच हो चली थी और राजनीति में आ जाने के बाद यह दर्द और भी बढ़ गया था कि कहीं मुन्ना बजरंगी अपनी महत्वाकांक्षा के चलते उनके विरोधियों से ना मिल जाए जिससे कि उन्हें सजा भी हो सकती थी ऐसे में उन्होंने कृष्णानंद राय हत्याकांड के इस आरोपी को जिस की गवाही भी होनी थी और शायद गवाही इनके खिलाफ हो जाए तो इस से अच्छा है कि नमुना रहेगा न गवाही करेगा इसी तर्ज पर इन्होंने इस घटना को अंजाम दिलवा दिया और आने वाले समय में शत प्रतिशत पूरा मामला यही होकर निकलेगा ।।
 अशोक सिंह (मुख्तार के प्रतिद्वंदी) 
मोबाईल - 9415219019

सुकमा हमले में यूपी के मऊ जनपद के धर्मेंद्र यादव हुए शहीद

मऊ-सुकमा हमले में 9 शहीदों में एक यूपी के मऊ जिले का भी जवान हुवा शहीद। 
शहीद धर्मेंद्र यादव (30 )पुत्र खेदन यादव 
घर का नाम बबलू यादव, 
बता दें कि शहीद धर्मेंद्र के तीन बच्चे है। विकाश यादव (11),संध्या (8),सोनम (5) 
इलाहाबाद फाफामऊ crpf कालोनी में रहकर पढ़ाई करते है। दो भाई महेंद्र, जितेन्द्र 
माता प्रभावती देवी व पिता घर पर रहते है। 
शहीद होने की खबर मिलते ही गांव में फैला शोक की लहर ।
चिरैयाकोट थानां के भेड़ियाधर गांव का रहने वाला है।

अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से छात्र की मौत

मऊ। जनपद के मुहम्मदाबाद मार्ग पर टाउन इंटर कॉलेज में पढ़ने जा रहे थे छात्र की अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गयी। इस घटना से पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया। 
घटना से आक्रोशित भीड़ ने बलिया-लखनऊ हाइवे जाम कर आवागमन बाधित कर दिया।
आक्रोशित छात्रों ने ट्रक में आग लगा दिया, साथ ही पुलिस के ऊपर पथराव कर दिया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची भारी पुलिस बल मामले को सुलझाने के प्रयास में जुट गयी है।

मंडी जिले में हुए हादसे में तीन परिवारों के 12 लोगों की मौत

मऊ। हिमाचल के मंडी जिले में हुए हादसे में जनपद के तीन परिवारों के लोगों के 12 सदस्यों की मौत हो जाने का मामला प्रकाश में आया है। 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार  इसमें एक परिवार मऊ के थाना सरायलखंसी के अंतर्गत राणा प्रताप सिंह (35 वर्ष) उनकी पत्नी मधु सिंह (30 वर्ष) उनकी बेटी (13 वर्ष) तेजस्वी पुत्र (10 वर्ष) लक्ष्मी (5 वर्ष) की मौत हो गई। वही दूसरा परिवार सूर्यदेव सिंह उनकी पत्नी संगीता बेटा सत्यप्रकाश बेटी अनुष्का तथा तीसरा परिवार वंदना (ये सत्यप्रकाश की बहन) इनकी बेटी तनु और बेटा अंश शामिल हैं।
यह परिवार बीते 2 अगस्त को मऊ से वैष्णो देवी के दर्शन के लिए निकले थे यह अमृतसर होते हुए 6 अगस्त को वैष्णो देवी के दर्शन करने के बाद मनाली घूमने चले गए थे और बीते शनिवार को रास्ते में उनकी बस भूस्खलन के चपेट में आ गई और कल दोपहर के बाद वहां से सूचना मिली कि उनके परिवार के साथ यह हादसा हुआ है यह सूचना एक एनडीआरएफ के जवान ने राणाप्रताप के मोबाइल से उनके बड़े भाई रवि को दिया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। 
राणा प्रताप का परिवार जिले का एक मानिंद परिवार है और राणा प्रताप एक वर्ड ठेकेदार है। इस ह्रदय विदारक घटना की सूचना पढ़ने के बाद लोगों के मिलने का ताता से लग गया है।

रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध हालत में मिली युवती ,जिला अस्पताल में भर्ती


मऊ। जनपद के रेलवे स्टेशन पर अर्द्ध बेहोशी की हालत में एक बालिका को गिरते पड़ते मऊ स्टेशन पर  देख कुछ लोगों ने उसे जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया।
सूत्रों की माने तो वह मेले में घूमने आई थी | वहां कुछ औरतों ने उसे पानी में डालकर कुछ पिला दिया जिसके बाद उसे कुछ भी नहीं मालूम कि वह कहां जा रही है और किसके साथ जा रही है |
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जब ट्रेन स्टेशन पर रुकी तो वह गिरते पड़ते हालत में नीचे उतरी वहीं यात्रियों ने उसकी संदिग्ध हालत को देखा तो कोई उसके साथ नहीं मिला |लोगों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के कुछ समय के बाद उसने अपने घर का नाम पता और मोबाइल नंबर बताया जिस पर लोगों ने फोन कर उनके परिजनों को बुलाया। बालिका बलिया जिला के नरही गाँव की रहने वाली बताई जा रही है |

राहुल गांधी ने किया दलित के घर भोजन

मऊ। काग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी 27 साल यूपी बेहाल किसान यात्रा को लेकर बुनकरों की नगरी मऊ जनपद में पहुच गए हैं। आजमगढ जिलें के बाद मऊ जनपद की सीमा में घुसतें ही राहुल गांधी और गुलाम नवी आजाद का काग्रेसी कार्यकत्राओं द्वारा जगह जगह पर स्वागत किया गया। 
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेसियों ने राहुल गांधी को फूल माला पहना कर उनका और उनकी य़ात्रा का स्वागत किया हैं। साथ ही राहुल गांधी का दिदार करने के लिए सैंकङों की सख्या में सङक पर भारी भीङ भी उपस्थित रही। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने कई स्थानों पर छोटी मोटी सभाओं का रोड शो के माध्यम से संबोधन भी किया। इसके अलावा राहुल गांघी ने बङागांव के दलित बस्ती में जाकर स्वामीनाथ के घर बाटी चोखा भी खाया हैं। जिसपर दलित परिवार के स्वामीनाथ ने कहा कि हमारे घर राहुल गांधी हमारे घर भगवान का रुप बनकर आये आए थे और बाटी चोखा भी खाये जिससे हमें खुशी मिली हैं। 
राहुल गांधी ने इसके अलावा बुनकरों, किसानों और मजदूरों सहित जनपद की जनता से मिले और उनका हाल जाने।