health

Breaking News

जौनपुर में भीड़ की तालिबानी सजा देखिये लाइव पिटाई का वीडियो 24UPNEWS.COM पर

कच्चे तेल कीमतों में गिरावट पर सरकार ने पेट्रोल 32 पैसे, डीजल 85 पैसे किया सस्ता

नई दिल्ली !  आज  कच्चे तेल की कीमतों में लगातार जारी गिरावट के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमश: 32 पैसे और 85 पैसे कटौती करने की घोषणा की। नई दरें शुक्रवार आधी रात से लागू होंगी। कंपनी ने यहां एक बयान में कहा है कि वर्तमान में कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी और डॉलर के मुकाबले रुपये की दर को देखते हुए इसका फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए कीमतों में कटौती की गई है।

शहीद हवलदार जगदीश ने एक आतंकी को उसी की रायफ़ल्स छिनकर मार दिया,ऐसे जबाज माँ भारती के लाल को दिल से नमन।

पंजाब - बीते शनिवार को आतंकवादियों द्वारा पठानकोट शहर के पास स्थित वायुसेना के एक अड्डे पर हमला कर दिया था, जिसके बाद सुरक्षा बलों के साथ उनकी करीब 15 घंटे तक मुठभेड़ चली. इस दौरान सुरक्षा बलों ने चार आतंकवादियों को मार गिराया. हालांकि रविवार सुबह भी आतंकवादियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी और कई बार आतंकियों की तरफ से गोलीबारी भी की गयी. जिसके बाद देर तक आतंकियों की तलाशी का अभियान भी चलाया गया.
लेकिन इन सबसे अलग आज हम आपको आर्मी के ऐसे बहादुर जवान की वीरता के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने अपनी जान की परवाह न करते हुए निहत्थे ही आतंकियों से लोहा लिया और अकेले ही आतंकियों को मार गिराया.
हम बात कर रहे हैं शहीद हवलदार जगदीश सिंह की जिन्होंने अकेले ही आतंकियों का न सिर्फ पीछा किया बल्कि निहत्थे ही उन्हें मार गिराया.
पठानकोट स्टेशन के एओसी जेएस धमून ने आज प्रेस कांफ्रेंस करके जानकरी दी कि एयरफोर्स स्टेशन के अंदर पहुंचने के बाद आतंकी दो टुकड़ियों में बंट गए थे. जिनमें से चार आतंकवादियों की एक टुकड़ी एयरफोर्स के मेस की तरफ बढ़ी. चूंकि सुबह का समय था इसलिए मेस में नाश्ता बन रहा था. आतंकियों ने जहां भी लाइट जलते हुए देखा उधर फायरिंग करनी शुरू कर दी. जिसके बाद हवलदार जगदीश सिंह घबराये नहीं उन्होंने खुद को बचाने की बजाय अपने साथियों और अपने देश को बचाना ज्यादा जरुरी समझा.
गोलियों की आवाज सुनकर जगदीश सिंह ने निहत्थे ही आतंकियों का पीछा करना शुरू कर दिया. उन्होंने एक आतंकी को दबोच लिया और निहत्थे ही उससे भिड़ गए. उस आतंकी की बन्दूक छीनकर उन्होंने उसे मौत के घाट उतार दिया. लेकिन देश और अपने साथियों की जान बचाते बचाते देश का ये वीर सपूत शहीद हो गया.
हवलदार जगदीश सिंह अगर चाहते तो वे अपनी जान बचाकर छिप सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. उन्होंने आतंकियों से लोहा लिया और उन्हें मार गिराया. देश के इस वीर सपूत को हमारा बार बार सलाम.

सरकार ने नए साल में जनता को दिया तोहफा पर पेट्रोल-डीजल हुआ सस्ता, आधी रात से लागू होंगी नई दरें

नई दिल्ली - अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लगातार गिरते कच्चे तेल के दामों के चलते पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में कटौती करने का फैसला किया है। पेट्रोल के दाम में 63 पैसे की कटौती की गई है जबकि डीजल को 1 रुपये 63 पैसे सस्ता आज आधी रात से लागू हो जायेगा।  

दिल्ली के द्वारिका में बीएसफ का प्लेन क्रैश, प्लेन में सवार सभी 10 लोगों की मौके पर मौत

दिल्ली। देश के राजधानी द्वारका से सटे सेक्टर 8 रेलवे ट्रैक के समीप शाहबाद गांव में एक बीएसएफ प्लेन की क्रेश हो गया है। सूत्रों के हवाले से विमान में कुल 10 लोगों सवार थे। एमओएस सिविल एविएशन महेश शर्मा के मुताबिक प्लेन में सवार सभी दस लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने घटनास्थल पर जाकर मुआयना किया और हालात का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि उड़ान भरने के पांच मिनट के अंदर ही प्लैन क्रैश हो गया।
सूत्रों  के मुताबिक उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही तकनीकी खबरों के चलते प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग की गई जिसके दौरान यह हादसा हुआ।
- कुछ मीडिया रिपोट्स के मुताबिक विमान दीवार से टकराया और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में गिर गया।
-सूत्रों का कहना है कि प्लेन का कॉन्टैक्ट एयर ट्रेफिक कंट्रोल से सुबह 9.50 पर टूट गया था।
-प्लेन में टेक्नीशियंस की टीम थी जो कि रांची एक हेलीकॉप्टर को रिपेयर करने के लिए जा रही थी।
हादसे के शिकार लोग
1- पायलट कैप्टन भगवती प्रसाद
2- को पायलट राजेश शिवरेन (एसएसबी)
3- डिप्टी कमांडेंट डी कुमार (इंजीनियरिंग)
इंजीनियरिंग टीम
4- राघवेंद्र कुमार
5- एसएन शर्मा
6- छोटेलाल
7- रवींद्र कुमार
8- डीपी चौहान
9- सुरेंद्र सिंह
10- के रावत
सभी डेड बॉडीज बरामद की गईं – चीफ फायर ऑफिसर
चीफ फायर ऑफिसर संतोक सिंह के मुताबिक सभी दस शवों को बरामद कर लिया गया। सात डेड बॉडीज वाटर टैंक से जबकि तीन टैंक के बाहर से बरामद की गईं। उन्होंने बताया 20 फायर टेंडर्स स्पॉट पर भेजा गया था। उन्होंने कहा कि हादसे क्यों हुआ इसकी जांच की जा रही है। भारत-बंगलादेश के बीच डीजी लेवल बातचीत रद्द।

सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनाव में आरक्षित सीटों के प्रकरण में उत्तर प्रदेश सरकार को जारी की नोटिस

यशनाथ सिंह 
दिल्ली - सुप्रीम कोर्ट ने यू०पी० में होने जा रहे पंचायत चुनाव में आरक्षित सीटो के मामले में राज्य सरकार नोटिस जारी किया है। फिलहाल शीर्ष न्यायालय ने उ० प्र० में जारी पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने से मना किया है। मा० न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली पीठ ने उ० प्र० सरकार को 5 अक्टूबर तक पुरे प्रकरण पर जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया है। 
बता दें कि याचिका योजित करने वाली ज्योति श्रीवास्तव और धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने याचिका में उ० प्र० सरकार द्वारा 21 सितंबर को जारी अधिसूचना को चुनौती दी गई है तथा यह भी उल्लेख किया गया है कि उ० प्र० सरकार को आरक्षित कोटे के लिए सीटों को आवंटित करने का अधिकार नहीं है, सिर्फ यह अधिकार केंद्र सरकार के पास है, इसके बावजूद उ० प्र० सरकार ने यह किया है। याचिकाकर्ता ने यह भी आरोपित किया है कि पंचायत चुनाव में 50 फीसदी से अधिक सीटें आरक्षित कर दी गई हैं, जो सर्वथा असंवैधानिक है। 
उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस प्रकरण पर अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी को यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि पंचायत चुनाव के लिए उ०प्र० सरकार को सर्वेक्षण कर आरक्षित कोटे के लिए सीटें आवंटित करने का अधिकार है या नहीं। 
याचिकाकर्ता ने याचिका में इस बात का उल्लेख किया है कि आरक्षित कोटे के लिए सीटों का आवंटन और सीटों के परिसीमन का अधिकार राज्य चुनाव आयोग के पास है न कि उ० प्र० सरकार के पास। 
याचिकाकर्ता ने उ०प्र०सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार ने अपने अधिकार क्षेत्र से हटकर कार्य किया है। याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय के उस अंतरिम आदेश के विरुद्ध याचिका दाखिल की है जिसमें अधिसूचना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया है। 
बता दें की उ०प्र० में पंचायत चुनाव के प्रथम चरण में होने वाले मतदान के लिए नामांकन पत्र भरे जा चुके है उच्चतम न्यायालय में दाखिल याचिका में यह चाहा गया है कि उच्च न्यायालय को 15 दिनों के भीतर उनकी याचिका का निपटारा करने का निर्देश दिया जाए। 

शीना मर्डर केस मामले तीनो आरोपियों से हुई फिर से पुछताछ

मुंबई - शीना बोरा मर्डर केस में बांद्रा की अदालत ने तीनों आरोपियों इंद्राणी, संजीव खन्ना और ड्राइवर की पुलिस रिमांड 5 सितंबर तक बढ़ा दी है, वहीं खार पुलिस स्टेशन में तीनों से पूछताछ एक बार फिर शुरू हो गई है. मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया खुद पूछताछ का नेतृत्व कर रहे हैं.
इससे पहले कोर्ट में पेश के दौरान और फैसला सुनाने के क्रम में इंद्राणी मुखर्जी कोर्ट रूम में ही बेहोश हो गईं. फैसले के बाद तीनों को लेकर पुलिस सीधे खार पुलिस स्टेशन पहुंची. थोड़ी देर बाद ही राकेश मारिया भी थाने पहुंचे और फिर पूछताछ शुरू की गई.
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या की कोशि‍श का मामला जोड़ दिया है, वहीं अब वह संजीव खन्ना का पासपोर्ट बरामद करना चाहती है. हत्याकांड के आरोपियों के खि‍लाफ आईपीसी की धारा 328 (जहर देकर नुकसान पहुंचाना) भी लगाया गया है. इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर है कि इंद्राणी के पति पीटर मुखर्जी ने मामले से दूरी बना ली है.
बताया जाता है कि पीटर कानूनी लड़ाई में पत्नी का साथ नहीं देंगे. शीना के बाद मिखाइल केस में भी इंद्राणी और संजीव खन्ना पर पुलिस का शि‍कंजा कस सकता है. एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक, इंद्राणी ने कॉन्ट्रैक्ट किलर ढाई लाख रुपये दिए थे. पुलिस ने कॉन्ट्रैक्ट किलर को भी हिरासत में लिया है. कॉन्ट्रैक्ट किलर ने पुलिस के सामने कबूला है कि उसे सुपारी इंद्राणी ने ही दी थी. पुलिस अब उसे और इंद्राणी को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेगी.

छेड़छाड़ की जानकारी युवती ने फेसबुक पर दी , आरोपी पुलिस गिरफ्त में

दिल्ली -पुलिस ने सोमवार शाम उस युवक को गिरफ्तार कर लिया, जिसने रविवार को तिलक नगर में सड़क पर एक लड़की से छेड़छाड की थी। पीड़ि‍त लड़की ने इस मामले की जानकारी फेसबुक के जरिए दी थी।
सूत्रों के अनुसार यह मामला तिलकनगर इलाके का है। रविवार रात करीब 8 बजे एक बाइक सवार युवक लड़की पर भद्दी टिप्पणियां करता है। जब लड़की उसे धमकाती है कि वह उसकी तस्वीर ले कर उसकी शिकायत दर्ज कराएगी तो वह लड़का फोटो के लिए पोज देते हुए कहता है कि जो कर कर ले फिर अंजाम भुगतने को तैयार रहना।
घटना के बाद लड़की ने बिना डरे तिलकनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसके बाद फेसबुक पर अपनी यह आपबीती उस लड़के की तस्वीर के साथ शेयर की। अब तक इस पोस्ट को बहुत से लोग शेयर कर चुके है। लडकी ने बताया कि उस ट्रफिक सिगनल पर 20 से भी ज्यादा लोग मौजूद थे और सब उसकी बाते सुन भी रहे थे। लेकिन किसी एक ने भी उसकी मदद करने की कोशिश नहीं की।

पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से किए देश की जनता से 10 बड़े वादे


यशनाथ सिह  
नई दिल्ली -  आज सुबह लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने एक बार फिर समृद्ध भारत और स्वच्छ भारत का सपना दिखाते हुए अपनी सरकार की योजनाओं के बारे में बताया। दूसरी बार स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने देशवासियों से 2022 का रोडमैप तय करने की अपील की। पीएम के भाषण की 10 मुख्य बातें निम्नाकित है । 
1. देश के 18,500 गांवों में बिजली पहुंचाने का वादा ।18, 500 गांवों में अभी तक बिजली का खंभा नहीं पहुंचा है। अगर पुराने तरीके से चलते रहे तो इन गांवों में बिजली का तार पहुंचाते-पहुंचाते 10 साल लग जाएंगे। मैंने जब मीटिंग बुलाई तो अधिकारियों ने कहा कि ये गांव सुदूर जंगल और पर्वतीय इलाकों में हैं, 2019 से पहले बिजली नहीं पहुंचाया जा सकता है। सवा सौ टीम इंडिया का संकल्प है कि 1000 दिन में इन गांवों में बिजली में पहुंचाया जाए। 
2. स्टार्ट अप इंडिया और स्टैंड अप इंडिया यह साल बाबा साहब आंबेडकर की 125वीं जयंती का साल है। बैंकों के सवा लाख ब्रांच यह संकल्प करे कि हर ब्रांच एक आदिवासी या दलित को स्टार्ट अप के लिए लोन दे। बैंक महिलाओं उद्ममियों को आगे बढ़ाने के लिए नीति बनाए। 
3. कंपनियों को प्रोत्साहन उन कंपनियों को अलग तरह का सरकारी आर्थिक पैकेज मिलेगा, जो ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार देगी। 
4. छोटी नौकरियों में इंटरव्यू खत्म छोटी नौकरियों में इंटरव्यू की व्यवस्था खत्म करने की पहल का भरोसा दिया। 
5. वन रैंक, वन पेंशन का फिर भरोसा दिलाया पीएम मोदी ने पूर्व सैनिकों को एक बार फिर भरोसा दिलाते हुए कहा कि वन रैंक वन पेंशन को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी मिल चुकी, संगठनों से बातचीत चल रही है। जल्द ही इसे लागू किया जाएगा। 
6. 75वें स्वतंत्रता दिवस का संकल्प 2022 तक सक्षम, स्वस्थ, श्रेष्ठ, स्वाभिमानी, संपन्न और स्वालंबी भारत के संपने को पूरा करना है. 
7.ज्यादा कानून गुड गवर्नेंस के लिए ठीक नहीं हर बात पर कानून बनाना फैशन बन गया है, यह गुड गवर्नेंस के लिए ठीक नहीं है। हमें कानूनों को सरल और उपयोगी बनाना होगा। अधिक कानूनों से न्यायपालिका पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। 
8. सांप्रदायिकता को पनपने नहीं देंगे पीएम मोदी ने अपने भाषण में जातिवाद और संप्रदायवाद पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि हमें इन समस्याओं को पनपने नहीं देना है। जहर के विकास को अमृत से मिटाना है। 
9.किसानों को मिलेगा यूरिया पीएम मोदी ने किसानों की समस्याओं को लेकर कहा कि उन्हें जितना यूरिया चाहिए उतना दिया जाएगा। देश के अन्नदाता को किसी भी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। 
10.कृषि मंत्रालय का बदलेगा नाम कृषि मंत्रालय का नाम बदलने का भी पीएम मोदी ने लालकिले की प्राचीर से ऐलान किया। मोदी ने कहा कि इसे अब किसान कल्याण मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा।

"हिमालय की चोटी से मागर सिंह ललकारा है, दूर हटो ऐ दुनिया वालों हिंदुस्तान हमारा है"


"जब अंग्रेज़ सिपाही हमें पकड़ने आते हम पास में स्थित बाउली ( पोखरा) में कूद जाते थे। अंग्रेज़ सिपाही भी हमारे पीछे पानी में कूदते थे पर तब तक हम भाग जाते थे।" ये शब्द है 98 वर्षीय काशी के चिरईगांव ब्लॉक के बरियासनपुर गाँव के आज़ादी के मतवाले मागर राम पटेल के है।  जिनसे जब स्वतंत्रता संग्राम की चर्चा की गई तो वो अपने गाँव की बदहाली के लिए चिंतित दिखे। जंगे आज़ादी में कई बार अंग्रेज़ों की लाठी खाने वाले "नागर राम" के दिल में आज़ादी के कई वर्षों बाद खाई पुलिसिया लाठी का दर्द आज भी हिलोरे लेता है।   
"हिमालय की चोटी से मागर सिंह ललकारा है, दूर हटो ऐ दुनिया वालों हिंदुस्तान हमारा है"  आज़ादी के मतवाली बरियासनपुर गाँव निवासी 98 वर्षीय मागर राम पटेल ( उर्फ़ नागर राम -इनकी पत्नी प्यार से बुलाती थी )से जब हमने आज़ादी की बात तो उन्होंने हमारा अभिवादन इसी नारे से किया और हमसे भी लगाने को कहा। उसके बाद मागर खामोश हो गए।  कुछ देर बाद बोले तो बस मुस्कुराकर कहा "हम आज़ाद हो गईल" . मागर राम पटेल ने जब काशी की पवित्र धरती पर जन्म लिया तो वो गुलाम थे। सन 1917 में काशी के इस ऐतिहासिक गाँव बरियासनपुर जहाँ पांच स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हुए, में जन्मे मागर एक घटना के बाद से अब थोड़ा ऊंचा सुनते है पर एक क्रांतिकारी की तरह आज भी लाठी के सहारे सरपट पगडंडियों चलते है। 
मागर राम पटेल अपने समय में पहलवान थे और उनके लफ़्ज़ों में कहें तो "हम गाँव का उदंड लड़का रहली, सब्भे परेशान करत रहली। मागर के बड़े भाई राम सागर पटेल उनके अगुआ थे। मागर बताते है कि वो जवानी के दिन पहलवानी करते थे, हमारे बड़े भाई राम सागर अंग्रेजों से आये दिन लोहा लेते थे पर कभी पकड़ाते नहीं थे। एक बार सन 1943 के जनवरी माह में अंग्रेज़ ग़ाज़ीपुर रोड से बनारस में घुसने की फ़िराक में थे। जिसपर बड़े भाई का आदेश हुआ और हमने हमारे मित्र चतुर तेली, रामवतार पटेल, रघुनाथ पटेल और अन्य ने मिलकर रातों रात सड़क को जोड़ने वाली नाले पर बनी पुलिया को हमने तोड़ दिया। दो दिन तक सिपाहियों ने हमें ढूँढा कोई नहीं मिला पर हम पकडे गए। 12 जनवरी साल 1942 में हमें 2 साल क़ैद और 30 रुपया जुर्माने की सज़ा नहीं हुई. जुर्माने की राशि न भर पाने की वजह से एक साल क़ैदे बामशक्कत का फरमान हुआ।  तीन साल  जेल में डॉ सम्पूर्णानंद, कमलापति त्रिपाठी जैसे क्रांतिकारी नेताओं के साथ बिताने को मिला। 
मागर राम बचपन से तेज़ तर्रार थे।  मागर  राम बताते है कि जेल में बंद रहने के दौरान रोज़ अंग्रेज़ सिपाहियों से नोक झोक होती थी। हम चक्की चलाते तो उनसे भी ज़बरदस्ती चक्की चलवाते।  एक दिन का किस्सा बताते हुए मागर ने बताया कि "खाने के बाद जेलर सभी कैदियों की गिनती कर रहा था।  हमारी कुछ देर पहले जेलर से नोकझोक हुई थी। हम जेल के बीचों बीच लगे आम के पेड़ पर ऊपर चढ़ कर बैठ गए।  मच गया कि मागर भाग गया। चारों तरफ से जवानो के बूटों की आवाज़ें आने लगी।  कुछ देर बाद हम नीचे उतरे तो आक्रोशित जेलर ने हमें मारना चाहा।  जिसपर डॉ सम्पूर्णानंद ने जेलर से हमारी तरफ से माफ़ी मांगी तब जेलर ने हमें छोड़ा।  मागर ने बताया कि जेल में कबड्डी रोज़ होती थी कभी कभी अंग्रेज़ सिपाही भी हमारे साथ खेलते उन्हें पटकने में बड़ा मज़ा आता था। 
मागर राम बरियासनपुर के एक तेज़ तर्रार लड़कों में गिने जाते थे।  हर मोर्चे पर आज़ादी के आगे रहने वाले मागर राम ने राजघाट पुल पर अंग्रेज़ों को मार मार कर गंगा में बहाया।  बोले हमने अंग्रेज़ों को अकेले लात घूसों से मारकर गंगा में फेंक दिया।  कुछ बचे कुछ मारे गए। जब भी अंग्रेज़ हमें पकड़ने आते हम भाग जाते कभी किसी पोखरी में कूद जाता कभी किसी पेड़ पर चढ़ जाता,  पर सिर्फ एक बार जेल जाने के दुबारा नहीं गया। 
जब उनसे पूछा गया कि क्या कभी अंग्रेज़ों की लाठी से डर लगा तो मगर राम पटेल खामोश हो गए कुछ देर के लिए अपने हाथ में ली हुई लाठी को हिलाते रहे।  आँखे खोली तो उसमे नमी थी, इंक़लाब ज़िंदाबाद का नारा लगते हुए उन्होंने कहा कि बचपन से ही आज़ादी के लिए लड़ा और देश को आज़ाद कराया। बहुत लाठी और गोली खायी पर आज़ाद भारत में खायी लाठी का दंश आज तक मै और मेरा परिवार झेल रहा है। मेरी सुनने की शक्ति कम हो गयी और मेरे बेटे अपनी ज़मीन से बेदखल हो गए।  इससे बेहतर तो अंग्रेज़ थे सिर्फ कोड़ों की सज़ा देते थे पर यहाँ सज़ा गरीब के लिए है अमीर के लिए।  
सुभाष ने बताया सिर्फ यही नहीं हमेशा से स्वर्णो के कब्ज़े में रहे इस गाँव में 5 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हुए और इसी गाँव की ज़मीन पर ब्लॉक चिरईगांव के आफिस का निर्माण हुआ उसके बाद भी आज तक वहां बने स्वतंत्रता सेनानी स्तम्भ पर सिर्फ दो सेनानियों का नाम अंकित किया गया है। ग्राम प्रधान बालकिशुन पटेल ने भी बताया कि पिछले  2 साल से इसके लिए प्रयासरत्त है पर ब्लॉक ऑफिसर हमें सिर्फ दौड़ा रहे है। इस बात का दुःख मागर राम पटेल को भी है पर उन्होंने अपने नाम की जगह चतुर तेली के नाम को अंकित करने की मांग की उन्होंने कहा " हम तो जिन्दा हई चतुर मर गईल बा ओकर नाम लिखवा दा बाबू" उनकी इस बात से हम कुछ देर के लिए शांत हो गए। 
सिर्फ इतना ही नहीं आज़ादी के इस मतवाले के घर पहुँचने में हमें काफी मशक्कत करनी पड़ी क्योंकि आज तक इस मतवाले के घर जाने वाली रोड नहीं बनी।  सुभाष ने बताया कि यह है तो वाराणसी ज़िले में पर यहाँ के सांसद महेंद्र नाथ पाण्डेय है क्योंकि यह चंदौली संसदीय सीट में आता है।  चुनाव के समय भाजपा सांसद आये थे लम्बे छाडे वादे करके गए,  पर आज तक दुबारा नहीं आये।  हम इसी रास्ते से आने जाने को मजबूर है। क्या भारत देश में आज़ादी के मतवालों का यही सम्मान है कि वह भारत जिसमे छुआछूत और गरीबी अमीरी चलती थी।  उसकी बानगी आज़ादी के 68 वर्षों बाद भी है। मागर और उनका परिवार पिछले 5 सालों से उनका नाम शिलापट्ट पर नाम लिखवाने के लिए दौड़ रहा है।  मगर ब्लॉक ऑफिसर उन्हें हाँ इस बार हो जाएगा कहकर दौड़ा रहे है।  उनकी इस व्यथा से  मन में एक सवाल ज़रूर कौंध गया है "क्या वाकई  हम आज़ाद है। " 

Whatsapp और Skypee पर सरकार कर सकती है अहम फैसला


वॉट्स एप, स्काइप और वाइबर से मुफ्त की कॉल लगाकर लंदन से लेकर लखनऊ तक और पिज्जा से लेकर पानी पूरी खाने की बात करने वाले लोग जरा ध्यान से इस खबर को देखें। क्योंकि, अब सरकार मुफ्त की इस कॉल पर ग्रहण पर लगाने की तैयारी कर रही है।
इंटरनेट की आजादी को लेकर बनी कमेटी ने कहा है कि स्काइप, वाट्सऐप और वाइबर जैसे एप की मदद से इंटरनेट पर लोकल कॉल को टेलीकॉम सर्विस कंपनियों की सामान्य फोन कॉल सेवाओं की तरह मान कर उस पर उसी प्रकार अंकुश लगाना चाहिए यानी देश में जब आप ऐसे एप के सहारे कॉल करना चाहेंगे तो आपको जेब ढीली करनी पड़ सकती है।
हांलाकि, इस कमेटी ने अंतरराष्ट्रीय कॉलिंग सर्विस में आपके हितों की बात की है। कमेटी ने रिपोर्ट में कहा है की इंटरनेट के जरिये अंतर्राष्ट्रीय कालिंग पर नर्म रुख रखने की ज़रूरत है। यानी अगर इस कमेटी की सिफारिश लागू होती हैं तो सरल शब्दों में कहें तो स्काइप, वॉट्स एप, वाइबर के जरिए देश में कॉल करने पर पैसा लगेगा। हांलाकि अंतर्राष्ट्रीय कॉलिंग और हर तरह के मैसेज मुफ्त ही रहेंगे।
जानकार इसे सरकार और टेलिकॉम ऑपरेटर्स की मिलीभगत करार देते हुए कह रहे हैं कि ये सुझाव उपभोक्ताओं के हितों के खिलाफ हैं। जिन्हे किसी भी हालत में पास नही होना चाहिए।

आखिर जिम्मेदार कौन-कमजोर पटरियों पर दौडेंगी ट्रेन तो ऐसे ही होंगे हादसे


शम्भू सिंह सोलंकी 
हरदा के पास उफनती माचक नदी और लगातार बारिश से ट्रैक कमजोर हो गए और बीती रात कामायनी एक्सप्रेस और जनता एक्सप्रेस पटरी से उतर गई। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने हादसे की वजह पटरी के नीचे मिट्टी धसक जाने से कमजोर पटरी पर ट्रेन के गुजरने को बताया है। अब सवाल ये उठता है कि इस हादसे का आखिर जिम्मेदार कौन है। बारिश और नदियां अपने हिसाब से बहेंगी ही। पर क्या हमने रेल ट्रैक को मजबूत और लगातार बढती ट्रेनों की संख्या के अनुरूप बनाया है। रेल संरक्षा और लगातार हो रहे हादसों पर बनाई गई काकोदकर कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि लगातार बढ रही ट्रेनों की संख्या और पटरियों की मजबूती के लिए कुछ नया न कर पाने की वजह से रेलवे की हालत बहुत खराब हो चुकी है। मानवीय चूक को नकार भी दिया जाए तो ढांचागत विकास रेलवे का न होना ऐसे हादसों की बडी वजह माना जा सकता है।
पूरे देश में आज 6500 किमी का रेलवे ट्रैक है जोकि आजादी के बाद से सिर्फ 1500 किमी ही बढा है। जबकि इसपर ट्रेनें लगातार बढती जा रही हैं। आज कुल 1000 से ज्यादा ट्रेन इन्हीं पुरानी रेल ढांचे पर चल रही हैं। सोचकर आश्चर्य नहीं लगता जिस ट्रैक पर साधारण पैसेंजर ट्रेन 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है उसी ट्रैक पर शताब्दी और राजधानी जैसी वीआईपी ट्रेन दोगुनी से ज्यादा रफ्तार से दौडती हैं।
सबसे व्यस्त और ज्यादा ट्रेनें चलने वाला रूट माना जाता है दिल्ली.हावडा रूट। यह रूट अपनी क्षमता से 150 प्रतिशत ज्यादा वहन कर रहा है। अन्य रूट भी तकरीबन 120 से 130 प्रतिशत तक क्षमता से अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन वहन कर रही हैं। 
हरदा के पास दोहरे ट्रेन का हादसा पटरियों के कमजोर होने से हुआ। वहां काली मिट्टी है और नदी का उफान बढने या तेज बारिश की स्थिति में यह मिट्टी कमजोर हो जाती है। ऐसे में यदि ट्रैक को आधुनिक तकनीक से और मजबूत नहीं किया जाएगा तो इस तरह के हादसे तो देश में कहीं भी हो सकते हैं।

मुंबई से वाराणसी जा रही कामायनी एक्सप्रेस के 5 डिब्बे गिरे नदी में


भोपाल :  इटारसी-मुंबई रेलवे ट्रैक पर हरदा खिरकिया के बीच काली माचक नदी पर ट्रैक धसकने से मुंबई-वाराणसी कामायनी एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे पुल से लटक गए हैं। कुछ डिब्बों के पानी में होने की सूचना है। इटारसी से दुर्घटना राहत गाड़ी रवाना की गई है। क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है और सड़क संपर्क भी टूटा हुआ है।
कामायनी एक्सप्रेस रात करीब 12.15 बजे दुर्घटनाग्रस्त हुई। इसकी सूचना रात करीब 12.30 बजे इटारसी स्टेशन पहुंची। ट्रेन में सवार जलगांव के जीतू राजानी ने बताया कि इंजन के नदी पार करने के बाद एस-4 के पीछे वाले डिब्बे नदी में गिरे हैं। नदी में बाढ़ का पानी है।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद इटारसी से दुर्घटना राहत गाड़ी रवाना कर दी  गई है। खंडवा से आ रहे शशिभूषण पंडित ने बताया खिरकिया से 11.07 मिनट पर गाड़ी निकली थी। मांदला और भिरंगी के बीच ट्रैक पर पानी था। उधर, दूसरे ट्रैक पर खंडवा जा रही चंडीगढ़-यशवंतपुर ट्रेन भी रोक दी गई है। रात 1 बजे कलेक्टर रजनीश श्रीवास्तव एवं एसपी प्रेमबाबू शर्मा दुर्घटनास्थल रवाना हो गए हैं।
रेल मंत्री सुरेश प्रभु दिल्ली से अधिकारीयों को दे रहे है दिशा निर्देश, केंद्र सरकार हादसे से सचेत, सुबह केंद्रीय  रेल मंत्री के मौके पर जाने की खबर ।
भारी बारिश से पुल धस गया था, पाँच डब्बे नदी में लटके है, इटारसी से रेशक्यू टीम मौके पर पहुँच गयी है पर अँधेरे और कठिन पहुँच मार्ग की वजह से रेशक्यू नहीं हो रहा है, बड़ी त्रासदी की आशंका।
कामायनी एक्सप्रेस और जनता एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त।इटारसी-मुंबई रेलवे ट्रैक पर हरदा के पास काली माचक नदी पर ट्रैक धसकने से हुई दुर्घटना।

चेकिंग में पकड़े गए दो दर्जन बेटिकट यात्री


प्रतापगढ। रेलवे जंक्शन पर गुरिल्ला चेकिंग में लखनऊ की टीम ने दो दर्जन यात्रियों को बेटिकट पकड़कर जुर्माना ठोंक कर उन्हें छोड़ दिया। इस दौरान वहां पर हड़कंप मचा रहा। चेकिंग की जानकारी मिलने पर कुछ यात्री तो रास्ता बदलकर निकल गए। पद्मावत एक्सपे्रेस ट्रेन में रेलवे जंक्शन पहुंची लखनऊ की टीम ने गुरिल्ला चेंकिग कर 25 बेटिकट यात्रियों को पकड़ा और जुर्माना कर छोड़ दिया। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर हड़कंप मचा रहा। चेंिकंग के दौरान जीआरपी इन्सपेक्टर भूपेन्द्र सिंह, एसआई राहुल द्विवेदी के साथ आरपीएफ के दरोगा व सिपाही शामिल रहें।

राष्ट्रीय नेतृत्व का सपना कैसे होगा पूरा जब गुटो मे बिभाजित है कांग्रेसी


कपिल देव मौर्य 
जौनपुर। केन्द्र की मोदी सरकार के एक साल पूरा होने पर उसको घेरने के लिए कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व पूरे देश में पार्टीजनो को दिशा निर्देश देते हूए चाहे जितना जोर लगाये लेकिन कांग्रेस जनो के बीच ब्याप्त गुट बाजी के चलते राष्ट्रीय नेतृत्व का सपना पूरा हो सकेगा एक बड़ा यक्ष प्रश्न है। एक जनपद जौनपुर का ही उदाहरण ले लिया जाये तो स्थिति साफ हो जायेगी कि कांग्रेस कितने बड़े गुट की शिकार है। जिसका कोई पुरसाहाल नही है। यहां के कई बड़े नेता जो प्रदेश की राजनीति कर रहे है वह भी गुटो में बिभाजित दृष्टिगोचर है। जनपद में कांगे्रस को मजबूत बनाने के लिए कांग्रेस जनो को एक जुट करने का कभी कोई प्रयास न तो किये नही जरूरत महसूस करते है।
    जहां तक गुटो का प्रश्न है इस जनपद मे कांग्रेस कमेाबेश चार गुटो में बिभक्त हो गयी है। सभी लोग अपनी अपनी डफली व अपना अपना राग  अलग अलग बजा रहे है। जिसका परिणाम है कि इस जिले में कांग्रेस की स्थिति अत्यन्त ही खराब हो गयी है। किराये पर भीड़ जुटानी पड़ती है।जिले में एक गुट तो जिलाध्यक्ष का जिसमे पार्टी के दो बरिष्ट नेता जो प्रदेश कमेटी मे रह चुके है शामिल है। इसके अतिरिक्त शहर विधायक दिल्ली की ही राजनीति में विश्वास करते है वे भी इसी गुट से नाता रखते है। दूसरा गुट प्रदेश की राजनीति कर रहे अल्पसंख्यक सेल से नाता रखने वाले नेता शिराज मेंहदी का है जिसमे जिले के कई बरिष्ट कांग्रेस जन शामिल है और मेंहदी जी की गणेश परिक्रमा करके कांग्रेस की राजनीति कर रहे है।
     तीसरा गुट ब्राम्हणो का है जिसका नेतृत्व यतीन्द्र नाथ त्रिपाठी नामक कोग्रेसी नेता करते है इनसे पार्टी के किसी भी कार्यक्रम से कोई लेना देना नही है। यही नही एक ऐसा गुट हे जो जिलाध्यक्ष पद से हटाये जाने के बाद से पार्टी शोर मे गरम पानी देने का काम कर रहे है। जिले की आवाम ने वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी  नदीम जावेद को विधायक बनाया की उनके द्वारा कुछ काम विकास का कराया जायेगा। साथ एक आशा भी जगी कि इससे कांग्रेस को मजबूती मिलेगी लेकिन ठीक इसके उलट ही नजारा इन तीन सालो में देखने को मिला विधायक दिल्ली मुम्बई रहकर कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के करीबी होने की धौंस जमा कर अपनी विधायकी पारी को खेल रहे है।
     इस तरह अभी तक की स्थिति से यह तो साफ होता नजर आ रहा है कि कांग्रेस जन चाहे बड़ा नेता हो या फिर छोटा हो सभी बाते तो बड़ी करते है परन्तु कोई भी पार्टी के निर्देशो अनुपालन करने की जहमत उठाना जरूरी नही समझता है। बयान बाजी का खेल करके केन्द्र की सरकार को कटघरे मे खड़ा करने का कार्य अकेले अकेले जरूर करते नजर आते है। अब एक सवाल उठता है कि कांग्रेस जनो मे एक ही नही है तो केन्द्र की सरकार के बिरूद्ध कोई भी आन्दोलन कैसे चलाया जा सकेगा। यह खेल कोई नया नही है बल्कि बिगत एक दशक से अनवरत चल रहा है तथा प्रदेश स्तरीय नेताओ को भी इसकी खबर है लेकिन जिले में ब्याप्त गुट बाजी को खत्म करने की कोशिस अब तक नही किया जाना एक बड़ सवाल है।

एम्स के डॉक्टर कमल को अपनी पत्नी की मौत के बाद नहीं थी उनके चेहरे पर शिकन


जयपुर-  डॉ  प्रिया वेदी अपने पति के समलैंगिक होने के चलते शारीरिक और मा‍नसिक प्रताड़ना से गुजरने के बाद  अपनी कलाई काटकर अपनी जिंदगी को खत्म करने वाली जिनकी  मौत के बाद खुलासा हुआ है कि डॉक्टर ने दिल्ली के जिस होटल में आत्महत्या की थी, वहां परिजनों के पहुंचने से पहले उनके  पति डॉ. कमल मौजूद था। प्रिया के परिजनो का तो यहां तक आरोप है कि डॉ. कमलेश जिस तरह का व्यवहार कर रहे थे, उससे लग रहा था कि जैसे उसे पहले से ही यह सब पता था। इस बीच, डॉ. कमल को अरेस्‍ट कर लिया गया है और सोमवार को कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्‍यायिक हिरासत में भेज दिया। प्रिया एम्‍स में एनेस्थेसिया डिपार्टमेंट में रेजीडेंट डॉक्‍टर के तौर पर काम करती थीं और जयपुर की रहने वाली थीं। उनके पति कमल भी एम्‍स में ही स्किन के डॉक्‍टर हैं।

मुख्यमंत्री ने कड़ाके की ठंड को देखते हुए 12वीं तक के सभी स्कूल 28 तक बंद

परिषदीय स्कूल अब १० जनवरी तक बंद रहेंगे क्योंकि २५ दिसंबर से १० जनवरी तक उनमें शीतकालीन अवकाश होता है
लखनऊ। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कड़ाके की ठंड को देखते हुए 12वीं तक के सभी स्कूल 28 तक बंद करने का निर्देश दिया है। बंदी का यह निर्देश सभी परिषदीय, सरकारी मान्यताप्राप्त ,अशासकीय सहायताप्राप्त व निजी स्कूलों पर लागू होगा। यूपी बोर्ड के साथ आइसीएसई व सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध सभी स्कूल भी बंद रहेंगे।अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को भी इस निर्देश का पालन करना होगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुपालन में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभागों ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। वैसे परिषदीय स्कूल अब 10  जनवरी तक बंद रहेंगे क्योंकि 25  दिसंबर से 10  जनवरी तक उनमें शीतकालीन अवकाश होता है। शासन ने सभी जिलाधिकारियों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को इस आदेश का अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित कराने को कहा है।

राज कालेज छात्रसंघ चुनाव के दो प्रत्याशियों का पर्चा निरस्त

जौनपुर। नगर के राजा श्रीकृष्ण दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में दाखिल किये गये प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों की जांच बुधवार को चुनाव अधिकारी डा. मयानन्द उपाध्याय की देख-रेख में हुई जिसके बाद कुल 24 में से 22 प्रत्याशी के पर्चे वैध पाये गये। निरस्त हुये पर्चों में कला संकाय प्रतिनिधि के दोनों प्रत्याशी प्रशान्त मौर्य व गोपाल मोदनवाल हैं। लिंगदोह समिति के नियमानुसार इन प्रत्याशियों की आयु अधिक है। ऐसे में अध्यक्ष पद हेतु आदित्य मौर्य, दिलीप प्रजापति, राहुल यादव, राकेश यादव, सिन्टू यादव, सुनील यादव, शिवशंकर मिश्र, विकास यादव, उपाध्यक्ष हेतु आशीष कुमार, अवधेश यादव, नवनीत कुमार, रोहित मौर्य, महामंत्री हेतु मनोज कुमार, राजेश मौर्य, सूरज यादव, पुस्तकालय मंत्री हेतु देवेश उपाध्याय, रामजश यादव संदीप मौर्य, शिक्षा संकाय प्रतिनिधि हेतु विजय यादव, विनय यादव, विज्ञान संकाय पद हेतु पवन कुमार, सुनील यादव हैं। जांच के दौरान संचालन समिति के सदस्य डा. विष्णु चन्द्र त्रिपाठी, डा. आरके अस्थाना, डा. जेपी शुक्ला, डा. अवधेश द्विवेदी, डा. ज्योत्सना श्रीवास्तव, डा. अभय प्रताप सिंह, डा. सुधाकर शुक्ला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

फुटबाल का मैदान बना जंग का मैदान,मूक दर्शक बना जिला प्रशासन

पवन सिंह
मऊ- जिले के भीम राव स्टेडियम में नगरपालिका गोल्ड कप आल इंडिया टूर्नामेंट चल रहा था जिसका  आज समापन था और कोलकाता व् मुंबई के बीच आखिरी मैच चल रहा था जिसमे दर्शको की भीड़ करीब 80 हजार हो गई थी जिसमे दर्शको को काबू करने के लिए पुलिस ने हुड़दंग कर रहे कई दर्शको को पिट दिया , जिसके बाद उत्तेजित भीड़ ने स्टेडियम पर कब्ज़ा कर जम कर बवाल काटा जिसके क्रम में स्टेडियम में ही कुर्सिया तोड़ी जाने लगी। 
       समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुचे घोसी के विधायक सुधाकर सिंह व् जिला अधिकारी चंद्रकांत पाण्डेय के उपर भी उपद्रवी तत्वों ने  कुर्सिया फेकनी शुरू कर दी , मौके की नजाकत को देखते हुए  जिलाधिकारी कार्यक्रम स्थल से चले गए।   बात तो यह की पुलिस के सामने ही ये सब कुछ उपद्रवी तत्वों द्वारो घंटो तांडव होता रहा लेकिन पुलिस मुख दर्शक बनी रही और पुलिस के सामने बने मंच को तहस नहस कर दिया , और फिल्ड में रखे गए सील्ड को भी लूट लिया बाहर से आये खिलाडी किसी तरह से जान बचाकर भागे , पूरा मैदान कई घंटो तक रणं क्षेत्र का मैदान बना रहा। 
 वही इस आल इण्डिया फुटबाल को करा रहे पूर्व नगर पालिका चेयर मेन अरसद जमाल ने कहा की पूरी तरह से लापरवाही जिला प्रशासन की है।

मालिनी अवस्‍थी ने कहा है की पहले मेरे साथ राजनी‍ति की थी और अब मेरे पैर छूते हैं

सुभाष पाण्डेय
 लखनऊ - अगर कोई विवाद की बात होती तो मुझे वह सम्‍मान ही नहीं मिलता। वैसे भी सरकार ने सम्‍मान दिया है। वह भी बिहार की भोजपुरी संस्‍थान ने दिया कोई यूपी की भोजपुरी की एकेडमी ने नहीं। उस समय केवल एक आदमी ने आपत्ति उठाई थी। जो आजकल मुझे भाभी कहते हैं और मेरे पैर छूते हैं। उन्‍होंने राजनीति तब भी की थी और अब तो राजनीति में ही चले गए हैं। यह बातें लोकगीत और भोजपुरी गायिका मालिनी अवस्‍थी ने कहीं। बिहार में भोजपुरी अवार्ड को लेकर मनोज तिवारी ने इनके खिलाफ आपत्ति जताई थी।
 इस बारे में उन्‍होंने बताया कि जब एक मैगजीन ने उन्‍हें यूपी की दस सबसे रसूखदार लोगों में शामिल किया तो मुझे भी आश्‍चर्य हुआ कि मुझे कैसे चुन लिया गया। शायद लोकप्रियता का पैमाना रहा होगा। आजकल वैसे भी लोक संगीत काफी उपेक्षित हो गया है। उसे आगे ले जाने का काम कर रही हूं।मालिनी अवस्‍थी का जन्‍म वैसे तो कन्‍नौज में हुआ था। ऐसे में अवधी की ओर उनका रुझान स्‍वाभाविक था। बचपन में संस्‍कार ऐसे मिले की लोकगीत और भोजपुरी की ओर रुझान हुआ। दोनो में संतुलन रखने का प्रयास किया है। बचपन से संगीत सीखा और गिरिजा देवी की शागिर्द हूं।
कॉमर्शियल संगीत कंपनी के कारण भोजपुरी संगीत में एक बूम आया। इसके कारण ऐसे गाने लोगों तक पहुंचे कि सबको लगा वहां मर्यादा का ख्‍याल नहीं होता है। महिलाओं के रतजगा और पुरूषों की चौपाल के गाने गा दो तो वह लोगों को अश्‍लील लगने लगते है। अगर आयोजक और प्रायोजक के साथ जनता ठान ले तो कलाकार भी

पुलिस ने लखनऊ महोत्सव में लाठीचार्ज किया और लोगों ने कुर्सियां तोड़ी और पथराव भी हुआ

सुभाष पाण्डेय
लखनऊ।  पुलिस ने लखनऊ महोत्सव के पंडाल में लाठीचार्ज किया और लोगों ने कुर्सियां तोड़ी और पथराव भी हुआ और कई लोग चोट भी खा गए।
सांस्कृतिक पंडाल में वीआइपी श्रोताओं की मौजूदगी बीती रात अधिकारियों पर भार पड़ी। सोफा फुल होने के बावजूद पंडाल में वीआइपी डटे रहे। इस दौरान टिकट लेकर गाने का लुफ्त उठाने आए आम श्रोताओं को प्रवेश न मिलने से स्थिति बिगड़ गई। पाश्‌र्र्वगायक अरिजीत सिंह की एक झलक पाने को बेकरार लोग बल्लियों पर चढ़ने लगे। हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने लाठियां भांजी तो दूसरी ओर से भी पत्थर चलने लगे। इस दौरान महिलाएं व बच्चे भी मौजूद थे। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से स्थिति को नियंत्रित किया, वर्ना भगदड़ की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था।
लाठीचार्ज व पथराव में कई युवक तथा पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। इनमें छात्र मनीष निगम और उन्नाव में तैनात इंस्पेक्टर बीके मिश्रा भी घायल हो गए। दोनों को महोत्सव के चिकित्सा शिविर में प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया। वीआइपी गैलरी की ओर बढ़ने के लिए युवकों ने बैरीकेडिंग को तोड़ दिया था। वहां लगे पर्दे भी फाड़ दिए और कुर्सियां भी तोड़ दीं। आम श्रोताओं व पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोंकझोंक व धक्कामुक्की का सिलसिला देर रात तक बरकरार रहा।