health

Breaking News

जौनपुर में भीड़ की तालिबानी सजा देखिये लाइव पिटाई का वीडियो 24UPNEWS.COM पर

नगरपालिका इंटर कालेज के प्रधानाचार्य का शव पहुँचा उनके आवास,अंतिम दर्शन के लिये लगा लोगों का तांता

जौनपुर- आज नगर पालिका इन्टर कालेज  के प्रधानाचार्य गोपाल मिश्र का शव पहुंचा उनके शहरी आवास राजकालोनी ( कलेक्ट्री कचहरी ) । परिजनों का रो -रो कर बुरा हाल । शव का अन्तिम दर्शन करने के लिए लोगों का लगा ताता । गिरीश यादव मंत्री उ प्र सरकार , विधायक रमेश मिश्र, हरेन्द्र सिंह विधायक जफराबाद ,  पूर्व विधायक सुरेन्द्र प्रताप सिंह ,पूर्व चेयरमैन नगरपालिका दिनेश टण्डन,आर0डी0 चौधरी  विधायक प्रतिनिधि केराकत,बसपानेता जे पी सिंह ,शिक्षक नेता ,सैकड़ों शिक्षक एवं मुहल्ले के लोग  मौजूद ।   राजकालोनी में दर्शन के उपरांत शव उनके पैतृक गांव गद्दीपुर कचगांव ले जाया जायेगा। और  अन्तिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया जायेगा।गौरतलब है कि स्वर्गीय मिश्र का  लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया ।

.....और ऐसा निकला "बच्चा चोर" का सच।

रिपोर्ट-अखिलेश सिंह।
जौनपुर-अफवाहों में बहने वालों के लिए यह संदेश है कि सही और गलत का अंदाजा लगाने के बाद ही कोई निर्णय लें। अफवाह के चक्कर में कानून को हाथ में न लें। शुक्रवार को जफराबाद थाना क्षेत्र में ,बच्चा चोर के अफवाह में कुछ ऐसी ही घटना घटित हुई। अफवाहों में दो अलग-अलग जगहों पर निर्दोष अर्ध विक्षिप्तों को पीट दिया गया। स्थानीय पुलिस ने जब मामले में तफ्तीश किया तो पता चला कि उक्त दोनों कोई बच्चा चोर नहीं बल्कि विक्षिप्त हैं।
बता दें कि शुक्रवार को अहमदपुर बंधवा गांव के हरिजन बस्ती में एक महिला को बच्चा चोर के अफवाह में ग्रामीणों ने पीट दिया। जान बचाने के चक्कर में वह नदी में कूद गई। कुछ लोगो ने बीच-बचाव कर नदी से बाहर निकाला। सूचना पर एसपी सिटी, क्षेत्राधिकारी तथा जफराबाद थाने की फोर्स मौके पर पहुंच गई। महिला को सुरक्षित थाने पर ले आई। पुलिस ने तफ्तीश किया तो महिला का नाम अमरावती 60 वर्ष निवासी बेला मोहन जनपद सुल्तानपुर की थी। शनिवार को महिला के घर वालों ने बताया कि यह दिमागी रूप से विक्षिप्त है। कई दिनों से घर से गायब थी। इनकी तलाश की जा रही थी। दूसरी घटना उसी दिन शाम को हौज गांव के पास राजेपुर त्रिमुहानी थाना जलालपुर निवासी अनिल कुमार, दिमागी रूप से अर्ध विक्षिप्त को एक छोटी बच्ची के साथ संदिग्ध परिस्थिति में गांव वालों ने बच्चा चोर समझकर पीट दिया।  सूचना पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी ने अनिल तथा उसके साथ बच्ची को थाने ले आये। तफ्तीश किया तो पता चला कि बच्ची का नाम मीना वनवासी 6 वर्ष पुत्री मनोज कुमार। अपने मां आशा देवी के साथ सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के पनहरिया गांव में अपने नाना के यहां रहती है। पिछले कुछ दिनों से अपनी मौसी गीता के साथ ट्रेनों में कबाड़ बटोरने में सहयोग प्रदान करती थी। शुक्रवार को जफराबाद स्टेशन पर मौसी गीता देवी मीना को जफराबाद स्टेशन पर छोड़कर ट्रेन में चली गई। स्टेशन से थोड़ी दूर जफराबाद थाने के पास मेला लगा हुआ था। मीना घूमते हुए मेले में आ गयी। शाम होने लगी तो भृमित होकर जलालपुर की तरफ जा रही एक ऑटो रुका, उसमे बैठ गई। ऑटो में पहले से ही राजेपुर त्रिमुहानी गांव का युवक अनिल तथा कुछ अन्य लोग बैठे हुए थे। घर जाने के लिए अनिल हौज गांव के पास उतरा, मिना भी उसके साथ उतर गई। अंधेरा होने लगा था। अनिल के साथ चलने लगी। दोनों को साथ देख कर गांव वालों को संदेह हुआ। पूछताछ करने लगे। दोनों एक दूसरे के बारे में कुछ नहीं बता पा रहे थे। कड़ाई के साथ पूछताछ करने पर डर के मारे अनिल भागने लगा। गांव वालों ने बच्चा चोर समझकर पीट दिया। पुलिस ने शनिवार को मीना तथा अनिल को परिवार वालों के हाथ सुपुर्द कर दिया। यह है बच्चा चोर का सच।

ज्यादा मुनाफे के चक्कर मे जौनपुर चाय कैंटीन वाले दूध में मिला रहे टूथपेस्ट

जौनपुर खाद्य समाग्री बेचने वाले भारी मुनाफा कमाने के चक्कर में ग्राहको के स्वास्थ्य से खुलेआम खिलवाड़ कर रहे है। इसका एक और ताजा उदाहरण सामने आया है डीएम के नाक के निचे विकास भवन परिसर के कैंटिन में, यहां पर आज दुकानदार खुलेआम दूध में टूथपेस्ट मिला रहा था। ग्राहको की नजर उस पर पड़ी तो सभी हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना लते ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर दूध का नमुना लेकर जांच के लिए भेज दिया है। उधर दूध में मिलावट की खबर मिलते ही इस कैटिंन के ग्राहको में हड़कंप मच गया। हलांकि दुकानदार अपने आपने आप को पाक साफ बताते हुए कहा कि दूध में टुथपेस्ट हम नही बल्की दूध वाला मिला रहा था। 
 जिलाधिकारी कार्यालय कैम्पस में स्थित विकास भवन में एक कैटिंन चलती है इस कैटिंन का ठेका सुनील कुमार गुप्ता ले रखा है। इस कैंटिन में विकास भवन से सारे विभाग के अधिकारी,कर्मचारी व अन्य कार्यो से आने वाले लोग जलपान करते है। आज दोपहर इस कैटिंन का मालिक दूध में टूथपेस्ट मिला रहा था तभी वहां पर मौजूद एक ग्राहक की नजर उस पड़ गयी। उसने विरोध करना शुरू किया तो हंगामा मच गया। हंगामे की खबर मिलते ही मीडिया कर्मी भी मौके पर पहुंच गये। दूध में मिलावट करने की खबर मिलते ही खाद्य सुरक्षा टीम मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल करने के बाद दूध का नमूना लिया। 
 उधर आरोपी दुकानदार ने अपने आपको बचाते हुए कहा कि दूध में टूथपेस्ट मै नही बल्की दूध वाला ही मिला रहा था जो हंगामा होने के बाद भाग गया। 
 जब मिलावटखोरी का धंधा डीएम के नाक के निचे चल रहा है तो दूर दराज के इलाके में क्या हाल होगा इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है।

डीएम और एसपी का जेल पर छापा,एक चाकू बरामद

जौनपुर-आज शाम डीएम एसपी ने आज भारी पुलिस फोर्स के साथ अचानक जेल में छापेमारी करके चप्पे चप्पे की तलाशी लिया। अचानक हुई छापेमारी से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। चेकिंग  के दरम्यान बैरेको से एक चाकू समेत बर्तन बरामद हुआ है। डीएम ने इस मामले में गम्भीरता दिखाते हुए जांच का आदेश दिया है।
बता दें कि आज शाम करीब साढ़े चार बजे डीएम अरविन्द मलप्पा बंगारी,एसपी रविशंकर छवि भारी पुलिस फोर्स के साथ जेल पहुंच गये। अचानक आलाधिकारियों से जेल पहुंचने से हड़कंप मच गया। सभी अधिकारियों ने करीब एक घंटे तक बैरेको तलासी लिया साथ में कैदियों से खाने पीने समेत अन्य सुविधाओ के बारे जानकारी लिया। चेकिंग में चेकिंग  के दरम्यान बैरेको से एक चाकू समेत बर्तन बरामद हुआ है। डीएम ने इस मामले में गम्भीरता दिखाते हुए जांच का आदेश दिया है। 

क्या, ठेकेदार अवधेश कुमार ने देश को कमीशन के कैंसर से बचाने के लिए, दिया है "बलिदान"।

आत्महत्या नहीं, बलिदान है ये।
....यहां कमीशन के खेल में हो रहा नंगा नाच ? निर्धारित, कमीशन की होती हैं चर्चाऐं, इसे रोकने का क्या है विकल्प।
रिपोर्ट-अखिलेश सिंह
जौनपुर-क्या कमीशन के खेल में बुधवार को वाराणसी के ठेकेदार अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता के समक्ष अपने आप को गोली मारकर, देश को कमीशन खोरी के कैंसर से बचाने के लिए "बलिदान"दिया है। मैं तो कहूंगा "आत्महत्या नहीं, बलिदान है ये"। अब, सरकार, के साथ-साथ ईमानदार अधिकारी, शिक्षक, अधिवक्ता, समाजसेवी , समाज के ईमानदार लोग, कमीशन की मार झेल रहे ठेकेदार, देश के छात्र, देश के समस्त नागरिको की जिम्मेदारी बनती है कि "मिशन" बनाकर भ्रष्टाचार, घूसखोरी तथा कमीशन खोरी को खत्म करने की लड़ाई लड़े। अवधेश कुमार ने अपना बलिदान देकर कमीशन खोरी में हो रहे नंगे नाच का खुलासा किया है। कमीशन खोरी के खुलासे के लिए अब इससे बड़ा कदम क्या हो सकता है ? अवधेश श्रीवास्तव का बलिदान बेकार न जाने दें। कमीशन खोर, देश को दीमक की तरह चाट रहे हैं। अक्सर सुनने को मिलता है कि यहां कमीशन के खेल में नंगा नाच चल रहा है। जिम्मेदार मुंह बाए खड़े हैं। चोरी-छिपे सबका हिस्सा बधा हुआ है। कमीशन की मार झेलने वाले पीड़ित ठेकेदारों से अक्सर कमीशन के खेल की चर्चाए सुनने को मिलती हैं। जनपद जौनपुर के एक छोटे से नगर पंचायत में कमीशन के खेल की कहानी एक ठेकेदार तथा ईमानदार सभासद ने सुनाया कि इस नगर पंचायत में वर्षों से जनता के द्वारा चुने गए "सर्वेसर्वा" को 12% कमीशन चल रहा है। सरकार द्वारा भेजे गए जिम्मेदार को 6%। जनता द्वारा चुने गए छोटे जिम्मेदार को 3%, ऑफिस में बैठकर लिखा पढ़ी करने वाले जिम्मेदार को 2%, तथा फीता लगाकर 3,5 करने वाले को 3% है। कुल मिलाकर 26% कमीशन का हिसाब होता है। कार्य के बाद भुगतान लेने वाला, भुगतान के लिए फाइल लेकर जिम्मेदारों का चक्कर लगाता है। पहले कमिशन फिर भुगतान के फंडे में उलझा रहता है। यहां ऊपर से लेकर नीचे तक सारी व्यवस्थाएं अच्छी तरह से मैनेज है। कमीशन के लिए अपने चहेते तथा विश्वसनीय लोगो को कार्य बाटने की मैनेजमेंट व्यवस्था अच्छी है। इतने सफाई के साथ खेल चलता है कि बात सिर्फ चर्चाओं तक रह जाती है, प्रमाण कुछ नहीं छोड़ते। इतना ही नहीं यहां का सर्वेसर्वा ईमानदारी के 12% के अलावा ठेकेदारों से कुछ अलग से कमीशन की मांग कर, ले लेता है।

उक्त नगर पंचायत में कमीशन के खेल की अभी हाल में ही एक चर्चा प्रकाश में आई थी। प्रत्येक माह में विकास कार्यों के लिए होने वाली बैठक में, जिम्मेदारों की एक बैठक हुई थी, जिसमें छोटे जिम्मेदारों को सही मात्रा में कमीशन न मिलने पर विरोध होने लगा। आरोप था कि "बड़े जिम्मेदार" कमीशन खोरी में भी चोरी कर रहे हैं। छोटों के कमीशन पर बड़े जिम्मेदार हिसाब कर ले रहे हैं। छोटे जिम्मेदारों को ईमानदारी से कमीशन न मिलने पर, अपने पद तथा पावर का एहसास कराने के लिए बैठक का बहिष्कार कर दिया था। कुछ दिनों तक किसी भी विकास कार्य के लिए कोई प्रस्ताव नहीं हुआ। जब प्रस्ताव ही नहीं तो कार्य कहां से होंगे। जब कार्य नहीं होगा तो भुगतान भी नहीं होगा। भुगतान नहीं होगा तो कमीशन कहाँ से मिलेगा? जिससे कमीशन खोरो की दुकान प्रभावित होते दिखाई देने लगी। नुकसान होते देख कमीशन खोरो ने आपस में समझौता किया। ईमानदारी के साथ कमीशन बांटने की बात पर सुलह समझौता हुआ। वैसे तो कमीशन खोरी के बारे में जानते सभी हैं, लेकिन रोकेगा कौन? मैं तो मानता हूं कि अवधेश कुमार ने अपना बलिदान देकर सरकार, मीडिया तथा देश के लोगों को आगाह किया है। क्या यह कहना गलत होगा कि अवधेश ने कमीशन खोरी जैसे कैंसर को खत्म करने की क्रांति के लिए अपना बलिदान दिया है।

घोटाले को दबाने में विभागीय दलाल ले रहे बिकाऊ तथाकथित पत्रकारों की मदद,घोटाला छुपाने लगे जिम्मेदार

जौनपुर- पिछले एक हफ्ते जिले में कृषि विभाग की खूब किरकिरी हो रही है 2018-19 के फरवरी महीने में आये कुल 24 ब्लाकों में 289 किसानों को एक करोड़ 10 लाख का बजट अवमुक्त कर दिया गया लेकिन 2019 का अगस्त का महीना चल रहा है लेकिन अभी तक सिरकोनी विकास खण्ड के नेवादा गांव के कुछ कास्तकार खुद ही बता रहे है कि मीडिया में खबर चलने के बाद बुधवार को उनके घर पर प्लास्टिक की 10-15 पाइप विभाग द्वारा भेजा है यही नही एक परिवार के तीन लोगों के नाम से करीब 1 लाख 15 हजार रुपये निकाल लिए गए,ये बात यही खत्म नही होती विभाग पर दलाल तंत्र इतना हाबी है कि कुछ बिकाऊ पत्रकारों को खरीद सब कुछ सही दिखाने का प्रयास किया जा रहा है।
बता दें जौनपुर जिले के सिरकोनी विकास खण्ड के कुछ किसानों के बैंक के खाते में तो पैसे गए लेकिन किसानों को गुमराह करके उनके खाते से पैसे निकाल लिए गए,जब हमारी 24upnews.com की टीम ग्राउंड जीरो पर गयी तो एक नया मामला।प्रकाश में आया कि जो परिवार विभाग के दलाल के सम्पर्क में है उनके एक परिवार के सभी सदस्यों के खाते में पैसे भेज दिए गए जबकि वो कास्तकार इस योजना को लेने के लिए विभागीय कोरम नही पूरा करते है केकिन दलाल तंत्र का विभाग पर इस तरह का प्रभाव रखना की कुछ भी किसी के नाम पर पैसे भेज दिया जाता है,बीते मंगलवार में हमारी टीम पर इस खबर लिखा था कि सिरकोनी विकासखंड क्षेत्र के आराजी नेवादा गांव में सरकार के द्वारा स्प्लिनकर सेट के लिए धन आवंटित किए गए पात्रों की सूची के सर्वे में घोटाले का मामला उजागर हुआ था। उक्त गांव में पात्र रीता देवी, जय हिंद पटेल, अर्जुन पटेल तथा एहसान के यहां जांच पड़ताल किया गया तो पता चला कि इस योजना की उनको कोई जानकारी ही नहीं थी। इस योजना के तहत उनको कोई धन प्राप्त नहीं हुआ था। इन लोगों के अनुसार उक्त पात्रों में से एक पात्र जिसने कुछ महीने पहले अन्य सभी पात्रों से उनके खाते में अपना पैसा मंगाये जाने की बात कहकर पैसा ले लिया था। उसमें न जाने कौन-कौन विभागीय लोगों ने मिलकर बंदरबांट कर लिया। मामला प्रकाश में आने पर इस घोटाले में जिम्मेदार लोगों में हड़कंप मच गया है। शत्रुघन मौर्या ने बताया कि दो दिन पूर्व गांव के युवक  जिसने खाते से अपना पैसा निकाल लिया था, उसके साथ कुछ लोग माल वाहन से पाइप लाकर रख दिए मशीन व अन्य यंत्र को बाद में लाने को कहा है और विभाग तथा अन्य बाहरी लोगों के मिलीभगत से धोखाधड़ी कर घोटाला किया गया है। यदि मामले की गहराई व गंभीरता से जांच हुई तो इसमें बहुत अच्छे अच्छे जिम्मेदार लोग संलिप्त मिलेंगे।

यूपी के 6 डिप्टी एसपी का तबादला

लखनऊ- यूपी के प्रदेश सरकार ने आज 6 डिप्टी एसपी का किया गया तबादला।
1-सुधीर जायसवाल डिप्टी एसपी वाराणसी
2-आलोक प्रसाद डिप्टी एसपी  इटावा
3-अभिषेक पांडेय डिप्टी एसपी वाराणसी,
4-रामाशीष यादव डिप्टी एसपी सोनभद्र,
5-अर्चना सिंह डिप्टी एसपी लखनऊ,
6-राम किशोर सहायक सेना नायक पीएसी 9वी वाहिनी